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झारखंड

स्थायी बहाली होने तक अनियमित रूप से बहाल कंम्यूटर ऑपरेटर नहीं हटाये जायेंगे : मंत्री

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रांची, 22 मार्च (हि.स.)। (अपडेट) संसदीय कार्यमंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि कंप्यूटर ऑपरेटरों की स्थायी बहाली होने तक अनियमित रूप से बहाल कंम्यूटर ऑपरेटर नहीं हटाये जायेंगे। उन्होंने बताया कि जब स्थायी नियुक्ति की जायेगी, तो वर्तमान में नियमित रूप से कार्यरत ऑपरेटरों को प्राथमिकता दी जायेगी। आलमगीर आलम विधायक सीपी सिंह के अल्पसूचित प्रश्न का जवाब देते हुए यह बातें कही। सीपी सिंह ने स्थायी बहाली होने तक यथास्थिति बनाये रखने की मांग की है। इस दौरान विधायक प्रदीप यादव ने कहा कि जल संसाधन विभाग में कंप्यूटर ऑपरेटरों को नोटिस दिया गया है। इसमें कहा गया है कि अब उनके काम की जरूरत नहीं है। इसलिए अब वे नहीं आये। मंत्री ने कहा कि आप प्रमाण दें, हम विभाग से बात करेंगे। यादव ने कहा कि टेंपररी को हटाकर टेंपररी को बहाल नहीं किया जा सकता। उन्हें तब हटाया जा सकता है, जब स्थायी बहाली हो। वहां भी उन्हें प्राथमिकता देनी होगी। उन्होंने कहा कि आउटसोर्सिंग के माध्यम से नई बहाली होने की बात कही जा रही है। उसका टेंडर भी निकाला गया है। आलमगीर ने कहा कि अभी तक आउटसोर्सिंग की कोई प्रक्रिया नहीं है। विधायक सरयू राय ने कहा कि 2016 के स्थापना दिवस में 35 लाख का कैंडी बांटा गया था। टॉफी आपूर्ति लाला इंटरप्राइजेज जमशेदपुर ने की थी। उन्होंने सोमवार को सदन में सवाल उठाया कि क्या ये आपूर्तिकर्ता फर्जी थे। क्योंकि इन्होंने बिस्किट की खरीद की थी और कैंडी बांटा था। यह कैसे हुआ। इन्होंने विभाग से रोड परमिट लिया ही नहीं, आपूर्ति कैसे हुई। इस पर मंत्री रामेश्वर उरांव ने कहा कि इस कंपनी पर विभाग ने टैक्स के अलावा तीन गुना फाइन लगाया है। लाल इंटरप्राइजेज पर 17 लाख का फाइन लगाया गया है। राय ने बताया कि पांच करोड़ के राशि की टी शर्ट राज्य के सभी स्कूलों में बांटे गये थे, लेकिन जो आंकड़ा दर्शाया गया है, उसमें नौ हजार स्कूलों का अंतर है। सभी स्कूलों से जो प्राप्ति का रसीद लिया गया है। ऐसा लगता है कि एक ही व्यक्ति ने सभी स्कूलों का हस्ताक्षर कर दिया है। सभी का रसीद भी एक ही कंप्यूटर से एक ही फॉर्मेट में निर्गत किया गया है। इस पर कुडू फैब्रिक्स ने इनवाइस दिया है और उन पर जांच चल रही है। कुडू फैब्रिक्स ने धनबाद, जमशेदपुर और रांची में टी शर्ट आपूर्ति करने के लिए झारखंड सहित अन्य राज्यों ने रोड परमिट नहीं लिया, तो टी शर्ट कैसे आया। इसकी भी जांच हो। रामेश्वर उरांव ने कहा कि यह तीन विभाग का मामला है। तीनों विभागों से बात कर जांच करायी जायेगी। हिन्दुस्थान समाचार/कृष्ण