झारखंड में मजदूरों ने श्रम संहिता को फाड़ा और जलाया

झारखंड में मजदूरों ने श्रम संहिता को फाड़ा और जलाया
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रांची, 01 अप्रैल (हि.स.)। केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर गुरुवार को झारखंड के औद्योगिक क्षेत्रों समेत अधिकांश जिलों में श्रमिकों और कर्मचारियों ने कार्य स्थलों पर चार श्रम संहिता (लेबर कोडों) की प्रतियों को फाड़कर उसका दहन किया। झारखंड में कोल इंडिया की तीनों कंपनियों सीसीएल, बीसीसीएल और इसीएल के खदानों के पीट और कार्यालयों, राज्य के विभिन्न औद्योगिक परिसरों, आदित्य पुर-गम्हरिया औधोगिक क्षेत्र, बोकारो इस्पात कारखाने में श्रम संहिता की प्रतियां जलाई। इनके अलावा पश्चिमी सिंहभूम जिले में स्थित किरिबूरू, मेघाहातुबुरू और चिड़िया के लौह अयस्क खदानों, संताल परगना के पत्थर और बीडी उद्योग के मजदूरों, परिवहन और निर्माण क्षेत्र के कामगारों ने भी श्रम संहिता की प्रतियों का दहन किया। इसी प्रकार बैंक, बीमा और मध्य वर्गीय कर्मचारियों समेत बड़ी संख्या में परियोजना कर्मियों ने कार्यस्थलों पर श्रम संहिता की प्रतियों को फाड़ने और जलाने का कार्य किया। इस दौरान श्रम संहिता को रद्द करने की मांग को लेकर अनवरत अभियान चलाने की घोषणा की गई। ट्रेड यूनियनों के राज्य मुख्यालयों को प्राप्त सूचना के अनुसार झारखंड में 23 जिलों के 656 वर्क प्लेस पर यह अभियान चला। इसमें पूरे झारखंड में 16 हजार से ज्यादा मजदूरों-कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। इंटक के राकेश्वर पांडे, सीटू के प्रकाश विप्लव, एटक के अशोक यादव, एक्टू के शुभेंदु सेन और एचएमएस के रघुनन्दन राघवन ने अलग-अलग जगहों पर अभियान का नेतृत्व किया। हिन्दुस्थान समाचार/ विकास/चंद्र

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