रेमडेसिविर की कालाबाजारी को लेकर एफआईआर, एक गिरफ्तार और दूसरा हिरासत में

रेमडेसिविर की कालाबाजारी को लेकर एफआईआर, एक गिरफ्तार और दूसरा हिरासत में
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रांची, 29 अप्रैल (हिस.)। रेमडेसिविर के कालाबाजारी मामले में राजीव सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि उसके सहयोगी राकेश कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ जारी है। उधर, इस संबंध में औषधी नियंत्रक के बयान पर कोतवाली थाना में विभिन्न धाराओं के तहत गुरुवार को प्राथमिकी दर्ज की गयी है। रेमडेसिविर के ब्लैक मार्केटिंग मामले में एक न्यूज चैनल ने स्टिंग किया था। पांच रेमडेसिविर 1.10 लाख में ब्लैक में राजीव सिंह से खरीदा गया था लेकिन इसके लिए राजीव ने कोई वैध कागजात या पूरजा नहीं दिया था। उसके बाद मामले को उक्त चैनल ने उजागर किया, तब पुलिस हरकत में आयी और राजीव कुमार को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पुलिस को उसके दो साथी के संबंध में भी जानकारी मिली हैै। इधर पुलिस ने राजीव कुमार को गिरफ्तार करने के बाद औषधि नियंत्रण विभाग भी हरकत में आया और इस मामले में औषधि नियंत्रक तीन सदस्यीय टीम ने जांच शुरू की। जांच के क्रम में टीम चैनल के रिपोर्टर से जानकारी ली और बाद में चैनल के ऑफिस जाकर सबूत इकट्ठा किया। सारी सबूत और प्रदर्श को कोतवाली पुलिस की सुरक्षा में रखा गया है। राजीव सिंह ने चैनल के रिपोर्टर को रेमडेक नामक रेमडेसिविर का चार भाइल व डेसरेम का एक भाइल पांच रेमडेसिविर बेचा था लेकिन इसका कोई वैध कागजात नहीं दिया गया था। जबकि रेमडेसिविर को कोई भी व्यक्ति नहीं बेच सकता। रेमडेसिविर सीधे अस्पताल को सप्लाई किया जाता है। रेमडेसिविर के मरीज का आधार कार्ड, अस्पताल के पूरजा पर डॉक्टर का रिकोमेंड आवश्यक है। वह भी सीधे मरीज के परिजन को नहीं मिलता। सारा डिटेल दिये जाने के बाद सीधे मरीज के बेड पर पहुंच जाता है। मामले में पुलिस के साथ ड्रग के अफसर भी जांच में जुट गए है। इसके लिए अलग-अलग टीम बनाकर रांची के अस्पतालों व उनलोगों तक पुलिस पहुंचने में जुटी है जिन्होंने मुंह मांगी कीमत देकर उक्त सुई की खरीदारी की है। सही से जांच होने पर कई रसूखदारों के चेहरे बेनकाब हो सकते है। अब देखने वाली बात होगी कि रांची पुलिस व ड्रग विभाग की टीम क्या करती है। लेकिन इस मामले ने सिस्टम पर सवाल जरूर खड़े कर दिए है। इस संबंध में सिटी एसपी सौरभ ने बताया कि राजीव सिंह के पास रेमडेसिविर कहां से आया, बिना कागजात के उसे कैसे मिल गया। इसके पीछेे कौन-कौन लोग है। इन सभी चीजों का अनुसंधान किया जा रहा है। अनुसंधान के बाद ही मामला स्पष्ट हो सकेगा। हिन्दुस्थान समाचार/ विकास