मुख्यमंत्री जनसंवाद केंद्र के बंद होने से कई प्रफोसनल नौजवान हो जाएंगे बेरोजगार: षाडंगी
मुख्यमंत्री जनसंवाद केंद्र के बंद होने से कई प्रफोसनल नौजवान हो जाएंगे बेरोजगार: षाडंगी
झारखंड

मुख्यमंत्री जनसंवाद केंद्र के बंद होने से कई प्रफोसनल नौजवान हो जाएंगे बेरोजगार: षाडंगी

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जमशेदपुर, 23 जुलाई (हि.स.) एक फ़ोन कॉल पर वर्षों से लंबित समस्याओं का निपटारा अब झारखंड में संभव नहीं रह जायेगी। जनसमस्याओं के समाधान के निमित्त पिछली सरकार में मुख्यमंत्री रघुवर दास द्वारा स्थापित सीएम जनसंवाद केंद्र अब बंद हो जाएगा। झारखंड सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय ने इस आशय का आदेश जारी कर दिया है। यह सेवा डायल 181 के नाम से राज्य में बेहद लोकप्रिय थी। माइका एजुकेशन नाम की एक निज़ी एजेंसी राज्य में इस दायित्व का संचालन कर रही थी। एक आंकड़े के अनुसार राज्य के सीएम जनसंवाद केंद्र में लगभग पाँच लाख जनसमस्याओं को दर्ज़ कर उनके समाधान की दिशा में जरूरी पहल सुनिश्चित किये गये थें। अब आलम यह है कि दूसरों की समस्याओं को सुलझाने वाले 130 से अधिक अनुबंधकर्मी स्वयं समस्याओं से जूझ रहे हैं। कोरोना महासंक्रमण काल में इनके समक्ष बेरोजगारी की संकट उतपन्न हो गई है। पूर्वाग्रह से प्रेरित होकर जनोपयोगी सेवाओं को बंद कर रही हेमंत सरकार : भाजपा हेमंत सरकार ने अब सीएम जनसंवाद केंद्र को बंद करने का आदेश जारी कर दिया है। आदेश जारी होने के साथ ही सरकार की तीव्र आलोचना शुरू हो चुकी है। राज्य की मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने इस निर्णय को जनविरोधी करार देते हुए पूर्वाग्रह से प्रेरित बताया है। भाजपा के प्रदेश और पूर्व विधायक प्रवक्ता कुणाल षाड़ंगी ने इस मुद्दे पर हेमंत सरकार को घेरा है। उन्होंने सरकार को इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की माँग की है। इस मुद्दे को लेकर भाजपा प्रवक्ता ने सत्तारूढ़ दल झामुमो और कांग्रेस को कटघरे में खड़ा करते हुए वादाखिलाफ़ी का आरोप लगाया है। अनुबंध कर्मियों को रेगुलर करने के मुद्दे पर अपनी घोषणा पत्र से भटकी सत्तारूढ़ दल : कुणाल षाड़ंगी भाजपा प्रवक्ता कुणाल षाड़ंगी ने कहा कि सरकार के इस अविवेकपूर्ण और पूर्वाग्रह से प्रेरित निर्णय से लगभग 130 से अधिक अनुबंधकर्मियों पर बेरोजगारी की लटक चुकी है। भाजपा प्रवक्ता कुणाल षाड़ंगी ने कहा कि अपने चुनावी घोषणा पत्र में अनुबंधकर्मियों को रेगुलर करने का वादा करने वाली सत्तारूढ़ पार्टियों की करनी ठीक अपने घोषणा के विपरीत है। डायल 181 के नाम से लोकप्रिय सीएम जनसंवाद केंद्र में महज़ एक फ़ोन कॉल, ट्विटर, फेसबुक अथवा ई-मेल से जनसमस्याओं का समाधान करवाने वाले लगभग 130 से ज्यादा अनुबंधकर्मियों पर बेरोजगारी की तलवार लटक चुकी है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता सह पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी ने कहा कि सरकार को अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने और 130 से अधिक अनुबंधकर्मियों को बेरोजगारी से रोकने के लिए वैकल्पिक प्रबंधन करने का आग्रह किया है। लॉकडाउन से कोविड कंट्रोल रूप के रूप में सक्रिय है सीएम जनसंवाद केंद्र पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने मई 2015 में सीएम जनसंवाद केंद्र का विधिवत उद्घाटन किया था। राँची के सूचना भवन में निज़ी एजेंसी माइका एजुकेशन द्वारा संचालित डायल 181- सीएम जनसंवाद केंद्र को हेमंत सरकार ने दायित्वमुक्त करने का निर्णय किया है। इसके लिए बाकायदा सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय की ओर से आदेश जारी किये जा चुके है। जारी आदेश के अनुसार 31 जुलाई 2020 से माइका एजुकेशन कंपनी द्वारा संचालित सेवाओं को समाप्त करने का आदेश है। कोरोना महा संक्रमण से पहले तक राज्य में मुख्यमंत्री जनसंवाद केंद्र सक्रिय थी। वहीं कोरोना संकट को देखते हुए जनसंवाद केंद्र को कोविड कंट्रोल रूम के रूप में परिवर्तित ओर दिया गया है। फ़िलहाल एजेंसी से जुड़े अनुबंध कर्मी लोगों को कोरोना संकट और लॉकडाउन में अन्य प्रदेशों में फंसे राज्यवासियों तक जरूरी सूचनाएँ और सेवा मुहैया करा रहे हैं। हिन्दुस्थान समाचार/ रवि / सबा एकबाल-hindusthansamachar.in