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झारखंड

झारखंड में स्वशासन आंदोलन के पुरोधा थे बंदी उरांव : रामेश्वर उरांव

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रांची, 06 अप्रैल (हि. स.)। छोटानागपुर संथाल परगना क्षेत्रीय कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष, एसटी आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष और एकीकृत बिहार में योजना मंत्री रहे बंदी उराव (90) के निधन की सूचना मिलते ही मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रामेश्वर उरांव सहित अन्य नेता उन्हें श्रद्धांजलि देने उनके आवास पहुंचे। नेताओं ने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्प माला अर्पित की। रामेश्वर उरांव ने कहा कि बंदी उरांव के साथ उनके पारिवारिक रिश्ते थे। एक पुलिस अधिकारी के रूप में वह हमारे गुरु थे। उनके लिखे गए फाइलों को पढ़कर उन्हें बहुत कुछ सीखने का मौका मिला था। बंदी उरांव झारखंड के ऐसे शख्सियत थे, जिन्होंने अपनी पूरी जिंदगी अपने विचारों, सिद्धांतों और आदिवासी समुदाय के हितों के लिए लगा दिया। उरांव ने कहा कि झारखण्ड ही नहीं पूरे देश के आदिवासियों में उनकी अलग पहचान थी। बंदी उरांव ने आदिवासी परंपरा और स्वशासन को कलम बंद करने का काम किया और जब पेशा कानून पास हो गया तो इसे लेकर गांव-गांव में पत्थलगड़ी की, ताकि हमारे आने वाली पीढ़ी ग्राम सभा के शक्तियों को आत्मसात करें। उन्होंने कहा कि बंदी उरांव झारखंड में स्वशासन आंदोलन के पुरोधा थे। पत्रकारों के एक सवाल के जवाब में उरांव ने कहा कि कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए जीवन और जीविका दोनों को साथ लेकर चलने की आवश्यकता है। सामंजस्य बना कर चलना चाहिए। भीड़ से बचना चाहिए। सामाजिक दूरी बनाते हुए मास्क लगाना चाहिए। झारखंड अन्य राज्यों की तुलना में काफी सुरक्षित है। इसके लिए झारखंड की जनता की प्रशंसा करता हूं। स्व बंदी उरांव की बहू गीताश्री उरांव ने कहा कि बंदी उरांव की जीवन पर्यंत यह सपना था कि पांचवी सूची, पेशा कानून एवं ग्राम सभा की मूल अवधारणा लागू की जाए। अपने जीवन के अंतिम क्षणों में भी उनकी इच्छा पूरी नहीं हो सकी। आदिवासी समुदाय को संविधान के तहत मिले अधिकारों और कर्तव्यों के निर्वहन के उनके अंतिम क्षण में भी बंदी उरांव की पीड़ा देखी जा सकती थी। गीताश्री ने कहा कि एक अभिभावक के रूप में मैंने अपने पिता को खोया है। मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने अपना एक रहनुमा खो दिया है। ईश्वर उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान दे। प्रवक्ता आलोक दुबे ने बताया कि बंदी उरांव का पार्थिव शरीर बुधवार को साढ़े 10 बजे कांग्रेस भवन लाया जाएगा, जहां प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष डा रामेश्वर उरांव के नेतृत्व में श्रद्धांजलि दी जाएगी। इसके बाद 11:30 बजे नए विधानसभा परिसर में राजकीय सम्मान के साथ श्रद्धांजलि दी जाएगी एवं सड़क मार्ग द्वारा उनके पैतृक निवास गुमला ले जाया जाएगा एवं अंत्योष्टि की जाएगी। हिन्दुस्थान समाचार/कृष्ण