बनई बचाओ अभियान की हुई शुरूआत,डीसी, एसडीएम और स्थानीय नेताओं ने की शिरकत

बनई बचाओ अभियान की हुई शुरूआत,डीसी, एसडीएम और स्थानीय नेताओं ने की शिरकत
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-जल संरक्षण के प्रति ग्रामीणों में आ रही जागरूकता: उपायुक्त खूंटी, 01 अप्रैल(हि. स.)। जिले में जल संरक्षण को लेकर चलाये जा रहे जनशक्ति से जलशक्ति अभियान के बाद एक और अभियान की शुरूआत गुरुवार से की गई है, जिसका नाम दिया गया है बनई ;नदी बचाओ अभियान। मुरहू प्रखंड के जलटंडा से लेकर अंतिम छोर पर बसे तुरांग गांव तक बहने वाली 40 किमी लंबी इस नदी को बचाने की मुहिम माहिल जामटोली और घाघरा गांवों की सीमा पर की गई, जिसका नेतृत्व जिला प्रशासन, सेवा वेलफेयर सोसाइटी और नदी के किनारे बसे गांवों की ग्रामसभाओं द्वारा किया जा रहा है। मुहिम में पहले दिन उपायुक्त शशि रंजन, एसडीएम हेमंत सती, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य कालीचरण मुंडा, कांग्रेस सहकारिता प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव नईमुद्दीन खां, बीडीओ प्रदीप भगत, मुरहू के प्रभारी चिकित्सक डाॅ सुजीत मांझी, जगदीश मुंडा, जगन्नाथ मुंडा,सेवा वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष समेत जामटोली और घाघरा गांव के डेढ़ सौ ग्रामीण महिला-पुरुष अभियान से जुड़े। सबने मदईत ;श्रमदानद्ध से चंद घंटों में 150 फीट बोरीबांध का निर्माण कर डाला। मौके पर ग्रामीणों ने कहा कि अब वे नदी का की संरक्षण और संवर्द्धन करेंगे। नदी का दोहन करने की इजाजत किसी को नहीं देंगे। अवैध बालू उत्खनन भी नहीं होने देंगे। सबने एक स्वर में इस अभियान की प्रशंसा की। डीसी शशि रंजन ने कहा कि पानी की किल्लत का अहसास ग्रामीणों को है। अब गांव के लोग जागरूक हो गए हैं और पारंपरिक तरीके से जल संरक्षण का काम कर रहे हैं। यहां काफी बड़े क्षेत्र में किसानों द्वारा तरबूज की खेती की गई है। किसानों की मांग सोलर पंपसेट की है, जिसे पूरा करने का प्रयास जिला प्रशासन द्वारा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन दोनों गांवों के ग्रामीण अभी और तीन बोरीबांध का निर्माण बनई नदी पर करेंगे। बनई नदी बचाओ अभियान की प्रशंसा करते हुए डीसी ने कहा कि अब ग्रामीणों में जागरूकता आ गई है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य कालीचरण मुंडा ने कहा कि यह बहुत बढ़िया काम है। बनई नदी पर जलटंडा से तुरांग तक 100 बोरीबांधों का निर्माण किया जाना चाहिए, जिससे गर्मी के दिनों में भी नदी में लबालब पानी रहेगा। बनई नदी का पुराना स्वरूप वापस आ जाएगा और किसान बेहतर ढ़ंग से खेती कर खुशहाल रह सकेंगे। उन्होंने कहा कि वे इस संबंध में सरकार से बातचीत करेंगे। सेवा वेलफेयर सोसाइटी के देवा हस्सा ने कहा कि बनई नदी को बचाने की मुहिम शुरू की गयी है। बोरी बांध से जल संरक्षण तो होगा ही, ग्रामीणों को नदी से जोड़ा जा सकेगा। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों के प्रयास से ही नदी को बचाया जा सकता है। हिन्दुस्थान समाचार/अनिल

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