स्वामी अग्निवेश के निधन पर शोक सभा
स्वामी अग्निवेश के निधन पर शोक सभा
झारखंड

स्वामी अग्निवेश के निधन पर शोक सभा

news

देवघर 12 सितंबर(हि. स.) जिले के मधुपुर स्थित 52 बीघा मुहल्ला स्थित संवाद परिसर में शनिवार को देश के सामाजिक कार्यकर्ता, विचारक, आर्य समाज के स्वामी अग्निवेश के निधन पर शोक सभा का आयोजन किया गया। समाजिक कार्यकर्ताओं ने स्वामी अग्निवेश की तस्वीर पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर नमन किया। मौके पर समाज कर्मी घनश्याम ने कहा कि स्वामी अग्निवेश सामाजिक विषमता, छुआछूत, संप्रदायिकता, बंधुआ मजदूरी प्रथा, दासी प्रथा के खिलाफ आजीवन संघर्ष करते रहे। सामाजिक समस्याओं को बहु आयामी दृष्टिकोण से देखते थे। स्वामी अग्निवेश एक विचार थे। करोड़ों व्यक्तियों में ऐसे एक विद्रोही सन्यासी होते हैं। स्वामी अग्निवेश का मानना था वंचितों और प्रताड़ितों के खिलाफ उठना ही धर्म है। आर्यसमाजी होते हुए भी वह आर्य समाज के आडंबर का विरोध करते थे। नर्मदा आंदोलन से लेकर आदिवासी आंदोलन और बंधुआ मजदूर मुक्ति आंदोलन से लेकर किसान आंदोलन में उनकी सक्रिय भूमिका रही। झारखंड से उनका गहरा लगाव था। सन्यासी होने के बावजूद राजनीतिक चेतना उनके दिल दिमाग में कूट-कूट कर भरा था। वंचित समाज के उभरते नेतृत्व को वह देश और दुनिया में गरिमामय सम्मान दिलाते थे। समाज की बेहतरी के लिए स्वामी अग्निवेश हमेशा सक्रिय रहे। मौके पर उपस्थित सभी ने अंत में 2 मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। हिन्दुस्थान समाचार/चन्द्र विजय/विनय-hindusthansamachar.in