सिर्फ दिखावा साबित हुआ अवैध पत्थर उत्खनन कारोबारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई, अवैध खनन धड़ल्ले से जारी
सिर्फ दिखावा साबित हुआ अवैध पत्थर उत्खनन कारोबारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई, अवैध खनन धड़ल्ले से जारी
झारखंड

सिर्फ दिखावा साबित हुआ अवैध पत्थर उत्खनन कारोबारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई, अवैध खनन धड़ल्ले से जारी

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दुमका, 10 सितंबर (हि.स.)। जिले के पत्थर औद्योगिक शिकारीपाड़ा प्रखंड क्षेत्र में माफियाओं का राज चल रहा है। इसमें भी 80 फीसदी पत्थर खदान अवैध ढंग से चल रहा है। जिसकी सूचना समय-समय पर प्रशासन को होते रहती है और प्रशासन यदा-कदा दिखावे के लिए छापेमारी एवं अवैध खनन कारोबारियो पर मामला भी दर्ज करती है। लेकिन कानून को ठेंगा दिखा मामला दर्ज के बाद भी कारोबारी धड़ल्ले से राज्य के खनिज संपदा को लूट रहे है। समय-समय पर राज्य सरकार को करोड़ों की राजस्व की चोरी और खनिज संपदा की दोहन से सामाजिक कार्यकर्त्ता और विपक्षी पार्टियां अवगत कर रही है। इसके बावजूद भी राज्य सरकार प्रशासनिक पदाधिकारी एवं माफियाओं पर नकेल कसने में नाकामयाब साबित हो रही है। करोड़ो की लूट की छूट प्रशासनिक पदाधिकारी निजी कोष भरने के लिए माफिया को दे रखी है। इधर वर्तमान राज्य सरकार सरकार राजस्व कोष खाली होने और राजस्व नहीं होने का रोना रो कर संतोष कर रही है। हाल में बीते दिनों डीएमओ दिलीप कुमार तांती के नेतृत्व में जांच टीम क्षेत्र के चित्रागड़िया सहित आस-पास के क्षेत्रों में कार्रवाई की। कार्रवाई करते हुए 7 अवैध पत्थर खदान संचालनकर्ताओं को चिन्हित करते हुए मामला दर्ज किया। लेकिन क्षेत्र हुलसडंगाल, शहरबेड़ा में स्थित पत्थर खनन कार्यों पर कोई कार्रवाई नहीं की। इस दोहरे कार्रवाई से क्षेत्र में चर्चा का महौल बना हुआ है। जिसमें डीएमओ दिलीप तांती, सीओ अमृता कुमारी सहित स्थानीय प्रशासन सवालों के घेरे में है। यहां बता दें कि बीते 11 फरवरी को सीओ के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए 20 अवैध खादान संचालकों के खिलाफ धारा 379/34 भादिवी, 4/54 लघु खनिज अधिनियम 2004, 21 खान खनिज अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। दिलस्प बात यह है कि डीएमओ, सीओ एवं पूर्व थानेदार के मिलीभगत से नामजद आरोपियों का नाम और पता गलत दर्ज किया गया है। जिससे कानूनी कार्रवाई से आसानी से माफिया बच निकलते है और पुनः कारोबार में बने रहते है। नामजद आरोपियों में मुख्य आदित्य गोस्वामी, अर्जुन मंडल, सागर शेख है। जबकि सागर शेख का वास्तविक नाम मोफिजुर रहमान, पिता मुरसेद अली वेस्ट बंगाल के वीरभूम जिला के सालुका गांव निवासी है। इस प्रकार कार्रवाई के नाम पर प्रशासन का दिगभ्रमित करने का खेल चलता रहा है। यहां बता दें कि विपक्ष तो विपक्ष सरकार के झामुमो विधायक सीता सोरेन ने भी ट्वीट कर आदित्य गोस्वामी सहित अन्य पर कार्रवाई की मांग की थी। मामले में बीते बुधवार को भी राज्यपाल के नाम डीसी को ज्ञापन सौंपते हुए भ्रष्टाचार का खेल और प्राकृतिक संपदा का दोहन से अवगत करवाते हुए जिला जदयू ने भी सीबीआई जांच की मांग की है। यह सब के बावजूद भी सरकार के इस ओर ध्यान आकर्षित नहीं होना लोगों के समझ से परे हो रहे है। हिन्दुस्थान समाचार /नीरज/विनय-hindusthansamachar.in