सरना धर्म कोड को लेकर  राज्यव्यापी चक्का जाम
सरना धर्म कोड को लेकर राज्यव्यापी चक्का जाम
झारखंड

सरना धर्म कोड को लेकर राज्यव्यापी चक्का जाम

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रांची, 15 अक्टूबर (हि. स.)। सरना धर्म कोड की मांग को लेकर केंद्रीय सरना समिति (फूलचंद तिर्की गुट) और अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद (सत्यनारायण लकड़ा गट) का राज्यव्यापी चक्का जाम गुरुवार को किया गया। इस दौरान समिति और परिषद के सदस्य राजधानी रांची के सड़कों पर काफी संख्या में निकलकर चक्का जाम कराया। इस कारण शहर के कई प्रमुख चौक चौराहों पर लंबा जाम लग गया। इसके चलते आम लोगों को काफी परेशानी हुई। सुबह से ही शहर के कोकर चौक, अल्बर्ट एक्का चौक, लालपुर चौक, हिनू चौक, रातू रोड, बूटिमोड सहित अन्य जगहों पर समिति और परिषद के सदस्यों ने चक्का जाम किया। मौके पर आदिवासी जन परिषद के अध्यक्ष प्रेम शाही मुंडा ने कहा कि आदिवासियों के लिए जमीन और धर्म दो महत्वपूर्ण मुद्दे हैं। इनके बिना आदिवासी समाज का अस्तित्व मिट जाएगा। इसकी रक्षा जरूरी है। इसलिए सरकार को सरना धर्म कोड लागू करना चाहिए। आदिवासी सेंगेल अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व सांसद सलखान मुर्मू ने कहा कि यदि केंद्र सरकार और शेड्यूल एरिया वाले 10 राज्यों की सरकारें सरना धर्म कोड की मान्यता के लिए नवंबर से पहले पूरा नहीं करती है तो 6 दिसंबर को राष्ट्रव्यापी रेलवे रोड जाम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा द्वारा सरना धर्म कोड का बिल विधानसभा के मानसून सत्र में प्रस्तुत करने का वादा करने के बावजूद ऐसा नहीं करना आदिवासियों के साथ बड़ी धोखेबाजी है। वही राज्यव्यापी चक्का जाम को लेकर राजधानी रांची सहित विभिन्न इलाकों में जिला प्रशासन पूरी तरह चुस्त था। इस दौरान सभी चौक चौराहों पर दर्जनों की संख्या में पुलिस के जवानों को तैनात किया गया था। कहीं भी किसी तरह की अप्रिय घटना ना घटे इसके लिए प्रशासन पूरी तरह चुस्त-दुरुस्त था। उल्लेखनीय है कि बुधवार को समिति और परिषद के सदस्यों ने सरना धर्म कोड को लेकर मशाल जुलूस निकाला था। हिन्दुस्थान समाचार/कृष्ण/वंदना-hindusthansamachar.in