भगवान विश्वकर्मा भी नही बदल पाए बदहाल शिल्पकारों का जीवन
भगवान विश्वकर्मा भी नही बदल पाए बदहाल शिल्पकारों का जीवन
झारखंड

भगवान विश्वकर्मा भी नही बदल पाए बदहाल शिल्पकारों का जीवन

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देवघर 16 सितंबर (हि. स.) विश्वकर्मा पूजा कल है ऐसे में आमतौर पर भगवान विश्वकर्मा की मूर्तियों की खूब डिमांड होती है ।लेकिन लॉकडाउन का असर इन मूर्तियों और मूर्तिकारों पर भी पड़ा है ।इन मूर्तियों की डिमांड पहले इतनी हुआ करती थी कि शिल्पकार इसे पूरा भी नहीं कर पाते थे। लेकिन इस बार लागत निकालना भी मुश्किल हो गया है ।शिल्पकार कहते हैं कि पहले इन मूर्तियों की खूब डिमांड हुआ करती थी। 100 रुपया से लेकर ₹30000 तक की मूर्तियां बनाई जाती थी लेकिन इस बार आर्डर भी नहीं मिले। लेकिन कई महीनों से बेरोजगार बैठे इन शिल्पकार ओने खुद की पूंजी लगाकर छोटी-छोटी मूर्तियां बना ली। लेकिन लॉकडाउन की वजह से तीन मूर्ति कारों की परेशानी दूर भी नहीं हो पाई ।हालात यह है कि ज्यादातर फैक्ट्री बंद है और ज्यादातर मशीनरी के दुकान भी बंद है। ऐसे में बहुत छोटे स्तर पर विश्वकर्मा पूजा मनाने की तैयारी चल रही है ।लिहाजा बड़े मूर्तियों के आर्डर भी नहीं आए और छोटी मूर्तियों के डिमांड भी नहीं रहे। ऐसे में इन मूर्ति कारों को उम्मीद थी कि विश्वकर्मा पूजा के दिन शायद कुछ आमदनी हो जाएगी ।लेकिन इनको अपनी लागत पूंजी निकालने में भी कठिनाई हो रही है ।ना तो ग्राहक मिल रहे हैं और ना ही पुराने ग्राहक लौटकर ही आ रहे हैं। ऐसे में बनी हुई मूर्तियां औने पौने दाम में बेची जा रही है। हिन्दुस्थान समाचार/सुनील /विनय-hindusthansamachar.in