बाल मजदूरी एक कलंक है, हम सबको मिलकर खत्म करना है : मुख्यमंत्री
बाल मजदूरी एक कलंक है, हम सबको मिलकर खत्म करना है : मुख्यमंत्री
झारखंड

बाल मजदूरी एक कलंक है, हम सबको मिलकर खत्म करना है : मुख्यमंत्री

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रांची, 10 सितम्बर ( हि.स.) । मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पलामू स्थित मनातू में बाल मजदूरी करवाने की जानकारी को गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री ने गुरुवार को उपायुक्त पलामू को मामले की जांच कर कार्रवाई करते हुए संबंधित क्षेत्र में परिवारों को जरूरी सरकारी योजनाओं से आच्छादित करने एवं बच्चों को शिक्षा के लिए स्कूल में नामांकन करा सूचित करने का निदेश दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा बाल मजदूरी एक कलंक है, जिसे हम सबको मिलकर खत्म करना है। यह मिली थी जानकारी मुख्यमंत्री को बताया गया कि पलामू के मनातू में बाल मजदूरी करवाने का गोरखधंधा चल रहा है, जहां दो हजार रुपये में बच्चों को राजस्थान भेजा जा रहा है। मामले की जानकारी के बाद उपरोक्त निदेश दिया। मुख्यमंत्री ने धनबाद निवासी 13 वर्षीय सचिन को मदद करने का निदेश उपायुक्त धनबाद को दिया है। मुख्यमंत्री को जानकारी दी गई कि सचिन अप्लास्टिक एनेमिया जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित है। चिकित्सकों ने बोन मैरो ट्रांसप्लांट करने को कहा है। पिता की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण इलाज नहीं हो पा रहा है। दोनों किडनी है खराब मुख्यमंत्री ने उपायुक्त बोकारो को भण्डारीदह निवासी निखिल निश्चल को असाध्य रोग उपचार योजना के अंतर्गत मदद पहुंचाते हुए सूचित करने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री को बताया गया कि निखिल निश्चल की दोनों किडनी खराब हैं। वह अंतिम सांसे गिन रहा है। उसका परिवार आर्थिक तंगी का सामना कर रहा है। हिन्दुस्थान समाचार /विनय/ वंदना-hindusthansamachar.in