बांस निर्मित  सामानों पर निर्भर है सैकड़ों परिवार
बांस निर्मित सामानों पर निर्भर है सैकड़ों परिवार
झारखंड

बांस निर्मित सामानों पर निर्भर है सैकड़ों परिवार

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देवघर 13 सितंबर(हि. स.)जिले के पिछड़े प्रखण्ड में शुमार करौं प्रखंड के कई गांवों के सैकड़ों परिवार की जिंदगी बांस की टोकरी पर टिकी है।बांस खरीदकर उनसे टोकरी, खंचिया, हाथ पंखा, सूप, डाली और शादी के सामान बनाकर जीविकोपार्जन कर रहे हैं।इन सामान को बेचने के लिए बाजार की व्यवस्था नहीं होने के कारण गांव-गांव घूमकर ये लोग सामान बेचते हैं। बांस से बनाए सामान बेचकर ही अपना गुजर बसर करते हैं।सरकार और प्रशासन से दूर रहने वाले इन भूमिहीन गरीब लोगों का नाम बीपीएल सूची में नहीं जोड़ा गया है। लॉकडाउन के कारण शादी विवाह बंद हो जाने के कारण बांस की टोकरी बनाने वाली ग्रामीण महिलाओं को काफी समस्या उत्पन्न हो गई है। उन्होंने बताया कि बांस की कीमत अधिक हो जाने के कारण रोजगार में भी इसका व्यापक असर पड़ रहा है। बांस तो ऊंची कीमत पर खरीद कर लाने के बावजूद बाजार में टोकरी,सुप मोनी आदि बने बॉस के समान का कीमत बाजार में सही तरीका से नहीं मिलने के कारण घर चलाने में बहुत सारी समस्या उत्पन्न हो रही है। स्थानीय जनप्रतिनिधि और सरकार के द्वारा किसी भी प्रकार का कोई भी सहायता नहीं मिलती है ।अगर सरकार के द्वारा किसी प्रकार की सहायता मिलेगी तो इस रोजगार से कई लोगों को रोजगार मिल सकता है और क्षेत्र में कोई भी बेरोजगार महिला नहीं रहेगी। हिन्दुस्थान समाचार/चन्द्र विजय/विनय-hindusthansamachar.in