नैतिकता के आधार पर सीएम को इस्तीफा दे देना चाहिए:बाबूलाल
नैतिकता के आधार पर सीएम को इस्तीफा दे देना चाहिए:बाबूलाल
झारखंड

नैतिकता के आधार पर सीएम को इस्तीफा दे देना चाहिए:बाबूलाल

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पाकुड़,20 दिसम्बर(हि.स.)। नैतिकता का तकाजा है कि बलात्कार जैसे संगीन आपराधिक आरोप लगने के बाद सीएम हेमंत सोरेन को तुरंत पद से इस्तीफा देकर सीबीआई जांच की अनुशंसा करनी चाहिए, ताकि दूध का दूध व पानी का पानी हो सके। ये बातें सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री व भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने रविवार को स्थानीय परिसदन में संवाददाताओं से कहीं। उन्होंने इसके मद्देनजर वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी का उदाहरण भी दिया कि हवाला मामले में नाम आते ही उन्होंने संसद से इस्तीफा देकर खुद ही सीबीआई जांच की मांग की थी। लेकिन इस मामले में आए कई मोड़ की आड़ लेकर झामुमो इसे राजनैतिक पूर्वाग्रह से ग्रस्त बताते हुए उनके बचाव में लग गया है।जबकि यह एक रजिस्टर्ड व भादवि की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज नामजद मामला है।हालाँकि इस संबंध में मौके पर मौजूद पार्टी की प्रदेश प्रवक्ता मिसफिका हसन ने विस्तृत जानकारी दी।साथ ही उन्होंने पीड़िता को अल्पसंख्यक समुदाय का बताते हुए कहा कि उक्त घटना मुख्यमंत्री की अल्पसंख्यकों के प्रति सोच को ही दर्शाती है। मरांडी ने विकास कार्यों के मद्देनजर हेमंत सोरेन सरकार के एक साल का कार्यकाल आम लोगों को निराश करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि राज्य में विकास के सारे काम ठप हैं। अगर कहीं कोई काम हो भी रहे हैं तो वे केन्द्र की योजनाओं के तहत। सरकार में बैठे व सत्ताधारी दलों के लोग भ्रष्ट प्रशासनिक अधिकारियों की मिली भगत से लूट का रिकार्ड बनाने में लगे हुए हैं।मजे की बात है कि सरकार को राजस्व देने वाले सभी महत्वपूर्ण विभाग के मालिक वही हैं।उन्होंने कहा कि सोरेन सरकार जानबूझकर पंचायत चुनाव को टालने में लगी हुई, ताकि बेखौफ लूट खसोट की जा सके।उन्होंने मुख्यमंत्री पर राज्य की आम जनता, नौजवानों, बारोजगारों के साथ वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि न तो किसी को अब तक नौकरी मिली है और न ही स्नातक बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता। उन्होंने कहा कि अब तक संपूर्ण राज्य में संथाल परगना क्षेत्र को सबसे शांत माना जाता था। लेकिन सैंया भए कोतवाल तो डर काहे का की तर्ज पर आज यहाँ महिला उत्पीड़न, बलात्कार, हत्या आदि की घटनाएँ नित नए रिकार्ड बना रही हैं।उन्होंने कहा कि जब राजधानी रांची के लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं तो संथाल परगना की बात ही क्या करना। हिन्दुस्थान समाचार/ रवि-hindusthansamachar.in