निजीकरण और बेरोजगारी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन
निजीकरण और बेरोजगारी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन
झारखंड

निजीकरण और बेरोजगारी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन

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मेदिनीनगर, 10 सितंबर (हि.स.)। बढ़ती बेरोजगारी, गिरती अर्थव्यवस्था, निजीकरण, नई शिक्षा नीति के खिलाफ आइसा ने गुरुवार को शारीरिक दूरी का पालन करते हुए हाथ में मोमबती, टार्च जलाकर प्रदर्शन किया। मौके पर मौजूद छात्र नेता त्रिलोकीनाथ ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने देश की सरकारी संपत्तियों और संस्थाओं को निजी हाथों में बेच रही है। सबसे ज्यादा रोजगार देने वाली रेलवे जैसी संस्था को भी निजी हाथों में सौंपा जा रहा है। बिजली, शिक्षा, हवाई अड्डा, खनिज संपदा का भी सौदा किया जा रहा है। देश में एक तरफ निजीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है, तो दूसरी ओर बेरोजगारों की फौज खड़ी हो रही है। प्रतिदिन हजारों युवा जान दे रहे हैं और सरकार रोजगार के अवसर बढ़ाने के बजाय रोजगार को खत्म कर रही है। आइसा ने सरकार से निजीकरण पर रोक लगाने, रोजगार के अवसर पैदा करने और नई शिक्षा नीति वापस लेने की मांग की। हिन्दुस्थान समाचार/संजय/वंदना-hindusthansamachar.in