नई शिक्षा नीति भारत और भारतीयता को मजबूत करनेवाली नीति : दीपक प्रकाश
नई शिक्षा नीति भारत और भारतीयता को मजबूत करनेवाली नीति : दीपक प्रकाश
झारखंड

नई शिक्षा नीति भारत और भारतीयता को मजबूत करनेवाली नीति : दीपक प्रकाश

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रांची, 12 सितम्बर ( हि.स.)। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद दीपक प्रकाश ने कहा कि नई शिक्षा नीति भारत और भारतीयता को मजबूत करने वाली है। इससे स्थानीय लोक भाषाएं, भारतीय कला और संस्कृति का समुचित विकास होगा। देश की जीडीपी का 6 प्रतिशत खर्च करने के निर्णय से शिक्षा क्षेत्र में गुणात्मक सुधार होगा। पार्टी विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने कहा कि इस नीति में स्थानीय भाषाओं के विकास की असीम संभावनाएं हैं। इसमें शिक्षा के साथ जीवन प्रबंधन की भी सीख है। बौद्धिक के साथ हुनर को बढ़ावा दिया गया है। दीपक प्रकाश शनिवार को न्यू एजुकेशन पॉलिसी पर आयोजित वेबिनार में बोल रहे थे।राज्य सरकार स्थानीय भाषा पर योजना तैयार करे :बाबूलाल मरांडी भाजपा विधायक दल के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने कहा कि राज्य सरकार विरोध की राजनीति छोड़ स्थानीय भाषाओं के विकास की योजना तैयार करे। इस नीति में स्थानीय भाषाओं के विकास की असीम संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि इस नीति में शिक्षा के साथ जीवन प्रबंधन की भी सीख है। बौद्धिक के साथ हुनर को बढ़ावा दिया गया है। जीवन और शिक्षण साथ साथ की यह नीति है। नई शिक्षा नीति आज देश की आवश्यकता:धर्मपाल सिंह भाजपा के संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि यह सौभाग्य की बात है कि प्रधानमंत्री के सद्प्रयासों से यह बहुप्रतीक्षित शिक्षानीति आई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शाषण में लागू शिक्षा नीति रोजगार नही व्यापारीकरण को बढ़ावा देने वाली नीति साबित हुई। मोदी सरकार ने भारत के अनेक प्रमुख शिक्षाविदों,मनीषियों ,चिंतको के सुझावों के आधार पर आज की आवश्यकता के अनुरुप नीति बनाई है। उन्होंने आह्वान किया कि यह नीति जन जन तक पहुचे यही कार्यशाला की सार्थकता है। भारत के गौरव को पुनर्स्थापित करने वाली है नई शिक्षा नीति : अनंत ओझा विधायक अनंत ओझा ने कहा कि यह शिक्षा नीति भारत के गौरव को पुनर्स्थापित करने वाली है। इससे बच्चों में सीखने की प्रवृति बढ़ेगी। इसमें प्रशिक्षण पर जोर दिया गया है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिनेशानंद गोस्वामी ने 1960 में गठित कोठारी आयोग से लेकर अब तक देश के अनुरूप शिक्षा नीति की मांग होती रही है। अब जाकर यह सपना पूरा हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस नीति में कई बड़े और व्यवहारिक बदलाव किए गए हैं। 8वीं तक बोर्ड नहीं रखने की बात है। 10वीं और 12वीं की बोर्ड में सैद्धांतिक के साथ प्रैक्टिकल को भी प्रभावी बनाया गया है। वर्ग 6 से व्यावसायिक शिक्षा के कारण 12वीं तक विद्यार्थी इतना हुनरमंद हो जाएगा कि उसे रोजगार की समस्या नही रहेगी। उन्होंने कहा कि यह शिक्षा नीति भारत की ही नही बल्कि विश्व की समस्याओं का निदान है। कार्यशाला में प्रदेश पदाधिकारी, जिला अध्यक्ष और ज़िला प्रभारी शामिल थे। संचालन प्रदेश महामंत्री समीर उरांव ने, जबकि धन्यवाद ज्ञापन प्रदेश मंत्री सुबोध सिंह गुड्डू ने किया। प्रदेश कार्यालय में प्रदेश महामंत्री प्रदीप वर्मा, विधायक अमर बाउरी, विधायक विरंची नारायण, प्रदेश मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक, हेमंत दास, सूरज चौरसिया, मृत्युंजय शर्मा, राहुल अवस्थी आदि थे। हिंदुस्थान समाचार /विनय/वंदना-hindusthansamachar.in