धर्मेंद्र तिवारी के निशाने पर पूर्ववर्ती रघुवर सरकार
धर्मेंद्र तिवारी के निशाने पर पूर्ववर्ती रघुवर सरकार
झारखंड

धर्मेंद्र तिवारी के निशाने पर पूर्ववर्ती रघुवर सरकार

news

रांची, 10 सितम्बर ( हि.स.)। भारतीय जनता मोर्चा के केन्द्रीय अध्यक्ष धर्मेंद्र तिवारी ने एनजीटी द्वारा झारखंड सरकार पर लगाये गये 113 करोड़ रूपये की भारी-भरकम जुर्माना को लेकर पूर्ववर्ती रघुवर सरकार को निशाने पर लिया है। उन्होंने गुरुवार को कहा कि बगैर पर्यावरणीय मानदण्डों का पालन किये, एनजीटी, केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद से बिना स्वीकृति एवं अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त किये इन महत्वपूर्ण इमारतों का निर्माण करना दर्शाता है कि पूर्ववर्ती भाजपा सरकार ने संवैधानिक संस्थाओं के नियम-कायदों को ताक पर रखकर मनमानी कर रही थी। उन्होंने कहा कि विधानसभा लोकतंत्र का मंदिर और हाईकोर्ट न्याय का मंदिर होता है, इन दोनों के निर्माण में सरकारी प्रक्रिया का समुचित पालन नहीं किया गया तो अन्य सरकारी भवनों के निर्माण में सरकारी प्रक्रिया का अनुपालन की बात बेमानी हो जाती है। इन दोनों भवनों के अलावा स्मार्ट सिटी सहित 55 भवन एवं उनके निर्माताओं को एनजीटी ने चिन्हित किया है और उनसे भी जुर्माना की राशि वसूला जाएगा। तिवारी ने कहा कि जहां एक ओर कोरोना काल में राज्य सरकार पर राजकोषीय दबाव बढ़ा है, वहीं दूसरी ओर 113 करोड़ रूपये का जुर्माना भरना राज्य सरकार के लिये भी काफी मुश्किल होगी। उन्होंने कहा कि जिस जगह ये भवनें बनी है, वह क्षेत्र पहले काफी हरा-भरा, स्वच्छ वातावरण से युक्त और पर्यावरण अनुकूल था। हजारों स्वस्थ पेड़ों से आच्छादित जंगल को काटकर स्मार्ट सिटी बनाया जा रहा है, उस जंगल को एचईसी ने भी कभी नहीं उजाड़ा। बिना पर्यावरण स्वीकृति के झारखण्ड विधानसभा व हाईकोर्ट सहित 55 अन्य भवनों के निर्माण से पता चलता है की सरकार को पर्यावरण की कोई चिंता नहीं थी। तिवारी ने राज्य सरकार से मांग की है कि राज्य में बन रहे सभी सरकारी भवनों की निर्माण प्रक्रिया की जांच एसआईटी गठन कर या किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाय। हिन्दुस्थान समाचार/ विनय /वंदना-hindusthansamachar.in