दुर्गोत्सव को लेकर शांति समिति की बैठक संपन्न, प्रतिमा विसर्जन के लिए जुलूस की नहीं मिलेगी अनुमति :डीसी
दुर्गोत्सव को लेकर शांति समिति की बैठक संपन्न, प्रतिमा विसर्जन के लिए जुलूस की नहीं मिलेगी अनुमति :डीसी
झारखंड

दुर्गोत्सव को लेकर शांति समिति की बैठक संपन्न, प्रतिमा विसर्जन के लिए जुलूस की नहीं मिलेगी अनुमति :डीसी

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धनबाद, 16 अक्टूबर (हि.स.) । कोरोना काल में दुर्गा पूजा जैसा पहला बड़ा पर्व मनाने जा रहे हैं। कोरोना के संक्रमण से लोगों को बचाने के लिए पूजा समितियों को सरकार द्वारा जारी एसओपी का पालन करना अनिवार्य है। जिला प्रशासन कोरोना संक्रमण पर कोई समझौता नहीं करेगा। पर्व मनाने का मौलिक अधिकार एवं धार्मिक आस्था के साथ संक्रमण को बचाना भी जिला प्रशासन का उद्देश्य है। त्योहार में वास्तविक उद्देश्य की प्रतिपूर्ति होनी चाहिए। यह बातें डीसी उमा शंकर सिंह ने शुक्रवार को कोयला नगर स्थित बीसीसीएल के सामुदायिक भवन में आयोजित जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक में कही।उपायुक्त ने कहा कि शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए तथा आपात स्थिति से निपटने के लिए हर आयोजकों के पास संबंधित थाना का मोबाइल नंबर होना आवश्यक है। कोरोना में गलती की संभावना रोकने के लिए समन्वय अति आवश्यक है। साथ ही कहा कि समिति के सदस्यों में जागरूकता की कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा इस बार किसी भी समिति को प्रतिमा विसर्जन करने के लिए जुलूस की अनुमति नहीं मिलेगी। भोग, प्रसाद के वितरण पर भी रोक रहेगी। उपायुक्त ने कहा कि कोरोना संक्रमण को मध्य बिंदु में रखते हुए किसी भी पंडाल में भीड़ इकट्ठी ना हो यह समिति को सुनिश्चित करना है। भीड़ में एक भी संक्रमित व्यक्ति के आ जाने से कई स्वस्थ लोग कोरोना की चपेट में आ सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस बार चयनित स्थान पर ही प्रतिमा का विसर्जन होगा। विसर्जन में केवल 5 लोगों के लिए अनुमति मिलेगी। विसर्जन के रूट चार्ट का सख्ती से पालन करना होगा। उन्होंने कहा कि सभी पूजा समितियों को सोशल मीडिया पर उड़ने वाली अफवाहों से सतर्क रहना है। किसी भी पोस्ट पर प्रतिक्रिया देने से पहले संबंधित थाना प्रभारी को सूचित करें। बिना सत्यापन के वैसी पोस्ट को अन्य ग्रुप में फॉरवर्ड ना करें। उन्होंने कहा कि दुर्गा पूजा में अवैध शराब के कारोबारियों पर जिला प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा। साथ ही अपील की कि ऐसे कारोबारियों की सूचना जिला प्रशासन को उपलब्ध कराएं। जिससे वैसे तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके। जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक में वरीय पुलिस अधीक्षक असीम विक्रांत मिंज ने कहा कि यह त्योहार जनता का है। जिला प्रशासन सौहार्दपूर्ण तरीके से त्योहार को मनाने के लिए सहयोग करता है। उन्होंने कहा कि सभी निर्देश लोगों की सुविधा एवं सुरक्षा के लिए बनाए गए हैं। एसएसपी ने कहा कि भीड़ को कम करने के लिए पूर्व की भांति इस वर्ष भी बैरिकेडिंग, डिवाइडर, वन वे ट्रैफिक रहेगा। इस बार किसी भी पूजा पंडाल में म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट, पब्लिक ऐड्रस सिस्टम लगाने की अनुमति नहीं मिलेगी। उन्होंने लोगों से सादगी के साथ दुर्गोत्सव मनाने की अपील की। एसएसपी ने कहा कि दुर्गा पूजा के अवसर पर 24 घंटे कंट्रोल रूम कार्यरत रहेगा। किसी प्रकार की सूचना लोग तत्काल कंट्रोल रूम को देंगे। अपर जिला दंडाधिकारी (विधि व्यवस्था) चंदन कुमार ने सरकार के दिशा निर्देश से सभी को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि इस बार किसी भी पूजा पंडाल में भीड़ इकट्ठा नहीं करनी है। पंडाल को छोटा बनाना है। किसी भी थीम पर पंडाल नहीं बनेगा। लोगों को आकर्षित करने के लिए रंग बिरंगी लाइट से सजावट नहीं होगी। कोई भी पूजा समिति तोरण द्वार नहीं बनाएगी। जहां प्रतिमा स्थापित होगी वह मैदान खुला रहेगा। केवल प्रतिमा की चारों ओर से घेरना है। प्रतिमा 4 फीट से बड़ी नहीं होगी। किसी भी पूजा समिति द्वारा मेला आदि का आयोजन नहीं किया जाएगा। किसी प्रकार के फूड स्टॉल लगाए की अनुमति नही मिलेगी। प्रतिमा के पास पूजारी समेत केवल 7 लोगों इकट्ठा होंगे और आपस में 2 गज की दूरी बनाए रखेंगे। इसका पालन सुनिश्चित करने के लिए गोल घेरा बनाना होगा। उन्होंने कहा थाना क्षेत्र के अनुसार विसर्जन की सूची तैयार की जाएगी। कहीं भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करने की अनुमति नहीं मिलेगी ना ही किसी प्रकार के आमंत्रण पत्र वितरित करने की अनुमति मिलेगी। कहीं भी गरबा डांडिया का आयोजन नहीं किया जाएगा। इस बार दशहरा के दिन रावण दहन की भी अनुमति नहीं मिलेगी। उन्होंने कहा कि पंडाल में आने वाले हर व्यक्ति के लिए फेस मास्क लगाना एवं शारीरिक दूरी का पालन करना अनिवार्य होगा। शांति समिति की बैठक में राजेश कुमार मिश्रा, सज्जाद अंसारी, भगत सिंह, मेराज खान, रामविलास राम, राजकुमार अग्रवाल, मो. कयूम खान, नशा उन्मूलन महिला समिति की सुंदरी देवी, अक्षवर प्रसाद, लक्ष्मण तिवारी, आशीष अग्रवाल, सोना साव, सुशील तिवारी, तारा पदो धीवर, भोला राम, महादेव हांसदा, रामगोपाल भुवानिया, चंडी चरण देव, नील मोहन मिश्रा और तेजविंदर सिंह ने भी अपने सुझाव रखे। जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक में वरीय पुलिस अधीक्षक असीम विक्रांत मिंज, उप विकास आयुक्त दशरथ चंद्र दास, नगर आयुक्त सत्येन्द्र कुमार, अपर जिला दंडाधिकारी (विधि व्यवस्था) चंदन कुमार, अपर समाहर्ता (आपूर्ति) संदीप कुमार दोराईबुरू, निदेशक डीआरडीए संजय कुमार भगत, अनुमंडल दंडाधिकारी सुरेंद्र कुमार, जिला योजना पदाधिकारी महेश भगत व अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे। हिन्दुस्थान समाचार/ बिमल /विनय-hindusthansamachar.in