दुर्गापूजा के लिए जारी गाइड लाइन पर पुनर्विचार करे राज्य सरकार : विहिप
दुर्गापूजा के लिए जारी गाइड लाइन पर पुनर्विचार करे राज्य सरकार : विहिप
झारखंड

दुर्गापूजा के लिए जारी गाइड लाइन पर पुनर्विचार करे राज्य सरकार : विहिप

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खूंटी, 16 अक्टूबर (हि. स.)। विहिप के जिला मंत्री वीरेंद्र सोनी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू से मिला और उन्हें ज्ञापन सौंपकर राज्य सरकार द्वारा दुर्गापूजा के लिए जारी गाइड लाइन पर पुनर्विचार किए जाने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल में जिला सह मंत्री प्रियांक भगत एवं बजरंगदल के जिला संयोजक विशाल साहू व नगर उपाध्यक्ष राम साहू शामिल थे। राज्यपाल को दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि शारदीय नवरात्र में हिंदुओं द्वारा जगत कल्याणार्थ आराधना करने की परंपरा है। माता दुर्गा सहित अन्य देवी.देवताओं का आह्वान कर जप.तप करने का विधान हैए अपनी परंपराएं हैंए अनुष्ठान की अपनी सीमाएं हैं। वर्तमान परिपेक्ष्य में वैश्विक कोरोना महामारी को देखते हुए हम हिंदू समुदाय सरकार के निर्देशों का पालन करते हुए पूजन अनुष्ठान पूर्ण करने की भावना लेकर खड़े हैं, लेकिन झारखंड सरकार द्वारा पूजन-अनुष्ठान का जो मापदंड तय किया गया है, वह अनुचित है। कोरोना की आड़ में हिंदू भावनाओं को ठेस पहुंचाना ठीक नहीं। इसलिए राज्य सरकार द्वारा पूजन काे लेकर निर्गत गाइड लाइन पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पूजन पंडाल छोटा होए परन्तु परंपरागत ही बने। माता भगवती की मूर्ति दर्शनार्थ मुख्य द्वार खुला रहे। कलश स्थापना के साथ ही पूजन प्रारंभ होता हैए परंतु विधान के अनुसार माँ दुर्गा का पट खुलने का विधान है। पट खुलने के साथ ही भक्तों के दर्शनार्थ किसी प्रकार का कोई प्रतिबंध न रहे। पंडाल के अंदर और बाहर उचित प्रकाश की व्यवस्था रहे। पंडाल के सम्मुख एक तोरण द्वार अथवा स्वागत गेट बनाने की व्यवस्था हो। उन्होंने कहा कि प्रतिमा की ऊंचाई पर किसी प्रकार का कोई प्रतिबंध न हो। पूजन में लाउडस्पीकर सिस्टम का प्रतिबंध न रहे। अनलॉक की गाइड लाइन पर सौ व्यक्तियों के एक साथ रहने की अनुमति हो। साथ ही अनलॉक की गाइड लाइन का पालन करते हुए विसर्जन शोभायात्रा निकाली जाए। परंपरा के अनुसार पूजन के बाद प्रसाद अथवा भोग वितरण की अनिवार्यता है। इसे देखते हुए प्रसाद अथवा भोग वितरण पर कोई प्रतिबंध न रहे। साथ ही परंपरा के अनुसार नवरात्र में कन्या पूजन पर किसी प्रकार का प्रतिबंध न हो। हिन्दुस्थान समाचार/अनिल/वंदना-hindusthansamachar.in