दिउड़ी मंदिर में नई कमेटी का हुआ गठन, दान पेटी में प्रशासन ने मारा ताला
दिउड़ी मंदिर में नई कमेटी का हुआ गठन, दान पेटी में प्रशासन ने मारा ताला
झारखंड

दिउड़ी मंदिर में नई कमेटी का हुआ गठन, दान पेटी में प्रशासन ने मारा ताला

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रांची, 18 अक्टूबर (हि.स.)। तमाड़ थाना क्षेत्र के प्रसिद्ध दिउड़ी मंदिर में कई संगठनों के विरोध के बावजूद नई कमेटी का गठन कर दिया गया है। नई कमेटी ने जिला प्रशासन से दान पेटी का पुराना ताला को हटाकर नया ताला लगवा दिया है। दिउड़ी मंदिर में पाहन, ग्राम प्रधान जिला परिषद सदस्य समिति जिला प्रशासन के चार सदस्यों को मिलाकर नई कार्यकारिणी का गठन किया गया है नई कार्यकारिणी पूजा में एकत्र दान पेटी की राशि के लिए अलग से बैंक में खाता खोलेगी। 11 सदस्यीय नई कार्यकारिणी की ओर से परंपरा से चली आ रही पूजन पद्धति पर कोई रुकावट नहीं होगी। साथ ही पुजारी पंडित पाहनो के परंपरागत पूजन विधि पर प्रशासन का कोई हस्तक्षेप नहीं होगा। जमीन अधिग्रहण की भी कोई प्रक्रिया नहीं की जाएगी। मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए सामूहिक दान पेटी का प्रबंधन अब नई कार्यकारिणी समिति करेगी। बुंडू एसडीओ ने बताया कि कुल मिलाकर 13 लोगों की कमेटी बनाई गई है। कमेटी की ओर से पूजन पद्धति पर कोई रुकावट नहीं होगी। मंदिर को विकसित करने के लिए नई कमेटी का गठन किया गया है। दिउड़ी मंदिर का अधिग्रहण बर्दाश्त नहीं : रंगनाथ बजरंग दल झारखंड प्रदेश के पूर्व सह संयोजक व वर्तमान प्रशिक्षण प्रमुख रंगनाथ महतो ने एक प्रेस बयान जारी कर कहा है कि जब जिसको इच्छा हुई हिन्दू धर्म व हिन्दू मान बिंदुओं का अपमान कर जाता है। जैसे हिन्दू समाज मरा हुआ है। कभी शहर भर के मंदिरों को जमींदोज करने की नोटिस जारी होती है, दुर्गापूजा हम कैसे मनाएं इसकी नसीहतें दी जाती है तो कभी हमारे 300 वर्ष पुरानी आस्था का केंद्र का उस समय अधिग्रहण की जाती है । जब माता का अनुष्ठान प्रारम्भ हो जाता है। दलील यह कि यह मंदिर जिस पर हजारों हिंदुओं की गहरी आस्था है ।गैर मजरुआ जमीन पर बनी है। तो क्या जितने भी गैर मजरुआ जमीन पर चर्च, मस्जिद, मदरसे व अवैध मजारें विभिन्न स्थानों पर सड़क किनारे बनी पड़ी है। झारखंड सरकार उन्हें भी अधिग्रहण किया है ? यदि अधिग्रहण किया है तो उसे हिन्दू समाज को बताना चाहिए और यदि अधिग्रहण नहीं किया है तो इसे हम किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे। झारखंड सरकार अविलम्ब मन्दिर को स्थानीय ग्रमीणों को या हिन्दू समाज को सौंप दे, अन्यथा सम्पूर्ण हिन्दू समाज सड़कों पर उतरने को बाध्य होगी और इसके जिम्मेवार केवल और केवल झारखंड सरकार की होगी। हिन्दुस्थान समाचार/ विकास/ वंदना-hindusthansamachar.in