तेजस्विनी परियोजना के तहत किए जा रहे कार्यों की  समीक्षा
तेजस्विनी परियोजना के तहत किए जा रहे कार्यों की समीक्षा
झारखंड

तेजस्विनी परियोजना के तहत किए जा रहे कार्यों की समीक्षा

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मेदिनीनगर, 14 अक्टूबर (हि.स.)। तेजस्विनी योजना को सिर्फ एक परियोजना समझकर नहीं बल्कि इसे मिशन मानकर कार्य करे ताकि जिले की किशोरियों को आत्म निर्भरकर बनाया जा सके। तेजस्विनी योजना सिर्फ एक परियोजना नहीं अपितु एक मिशन है जो जिले की बालिकाओं को नयी जिदगी प्रदान करेगा।जिससे किशोरियों के जीवन में बड़े स्तर पर बदलाव लाया जा सकता है बस ज़रूरत है तो हम सबको एक टीम की तरह काम करने की।उक्त बातें सहायक समाहर्ता सह प्रभारी समाज कल्याण पदाधिकारी दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने कहीं।वे बुधवार को डीआरडीए के साभार में आयोजित तेजस्विनी परियोजना,जिला बाल संरक्षण इकाई एवं एक्शन एड की संयुक्त बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में तेजस्विनी परियोजना केसभी ब्लॉक को-ऑर्डीनेटर,जिला कार्यक्रम पदाधिकारी,जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी, जिला समन्वयक व अन्य मौजूद थे। तेजस्विनी परियोजना की समीक्षा के दौरान शेखवात ने कहा कि जिले में बाल विवाह को रोकने में तेजस्विनी क्लब की महत्वपूर्ण भूमिका है।तेजस्विनी क्लब में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे किशोरियों एवं युवतियों द्वारा जागरूकता के माध्यम से बाल विवाह को काफी हद तक रोका जा सकता है। शेखवात ने सभी प्रखंड समन्वयक को उन्मुखीकरण प्रशिक्षण कार्यक्रम को इस माह के अंत तक पूर्ण करने का निर्देश दिया।इस दौरान उन्होंने तेजस्विनी परियोजना अंतर्गत खरीदे जा रहे हैं उपकरणों की भी जानकारी ली।समीक्षा के दौरान परियोजना के अन्य बिंदुओं पर भी चर्चा की गयी।इस दौरान प्रभारी समाज कल्याण पदाधिकारी ने सभी ब्लॉक को -ऑर्डिनेटर से आपस में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा रखते हुए कार्य करने की बात कही। बैठक में तेजस्विनी योजना के जिला समन्वयक गनौरी विश्वकर्मा ने बताया कि जिले में 1361 तेजस्विनी क्लब के माध्यम से 14 से 24 वर्ष के किशोरियों एवं युवतियों को सामाजिक एवं आर्थिक विकास के लिए विभिन्न प्रकार का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।उन्होंने सभी ब्लॉक को-ऑर्डिनेटर से ऐसे सभी तेजस्विनी क्लबों का मॉनिटरिंग निरंतर रूप से करते रहने की बात कही। हिन्दुस्थान समाचार/संजय/विनय-hindusthansamachar.in