झारखंड में करीब 70 प्रतिशत बच्चे एनेमिक  :डॉ अनामिका
झारखंड में करीब 70 प्रतिशत बच्चे एनेमिक :डॉ अनामिका
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झारखंड में करीब 70 प्रतिशत बच्चे एनेमिक :डॉ अनामिका

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रांची, 10 सितम्बर ( हि.स.)। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) झारखंड की कंसलटेंट डॉ अनामिका ने कहा कि कुपोषण झारखंड में एक बड़ा मुद्दा है। यहां करीब 70 प्रतिशत बच्चे एनेमिक पाए जाते हैं, जो कि देश के औसत 59 प्रतिशत से भी अधिक है। पत्र सूचना कार्यालय व रीजनल आउटरीच ब्यूरो - रांची तथा फील्ड आउटरीच ब्यूरो दुमका के संयुक्त तत्वावधान में 'कोरोना से जंग में स्वास्थ्य एवं प्रतिरोधक क्षमता के लिए उचित पोषण' विषय पर गुरुवार को वेबिनार परिचर्चा का आयोजन किया गया। वेबिनार को संबोधित करते हुए डॉ अनामिका ने बताया कि कैसे कोरोना के विकट काल में भी एनएचएम ने अपने सभी स्वास्थ्य संबंधी अभियान जारी रखे हैं। शिशु, गर्भवती महिलाओं तथा किशोरों के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में बच्चों के विकास संबंधी बीमारियां जैसे स्टंटिंग, वेस्टिंग, अंडरवेट, लो बीएमआई जैसी श्रेणियों में भी राज्य में राष्ट्रीय औसत से अधिक कुपोषित बच्चे हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण के इस काल में हमें कोशिश करनी चाहिए कि बाहर का खाना ना खाएं, जितना हो सके घर का ही खाना खायें और वह भी गरम खाना। अपर महानिदेशक पीआईबी, रांची अरिमर्दन सिंह ने कहा कि संतुलित आहार अच्छे स्वास्थ्य का प्रमुख आधार है। हम अक्सर देखते हैं कि अच्छे संयुक्त परिवारों में भी वहां पर खाना बनाने वाली महिलाएं कुपोषित पाई जाती हैं क्योंकि वह अपने भोजन का ध्यान नहीं रखतीं। झारखंड के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि यहां पाई जाने वाली स्थानीय साग सब्जियां काफी पौष्टिक है, इन सब्जियों में पाए जाने वाले पौष्टिक तत्वों तथा खनिज लवणों से यहां के लोगों में अच्छी इम्यूनिटी विकसित होती है। इसी कारण झारखंड में कोरोना का कहर काफी हद तक कम भी है। वेबिनार को संबोधित करते हुए भारतीय डाइटेटिक एसोसिएशन के झारखंड चैप्टर की कन्वीनर डॉ गजाला मतीन ने कहा कि भागदौड़ भरी जिंदगी में आप अपने खानपान का खयाल नहीं रख पाते हैं। लेकिन आज कोरोना वायरस को रोकने के लिए दुनियाभर में लॉकडाउन किया जा चुका है और आप भी उसका पालन करते हुए घर में रह रहे हैं, तो आप ऐसे समय का फायदा उठाकर सालों से खराब खानपान से बिगड़ रही अपनी सेहत को सुधारने का काम करें। इसके लिए आपको बस अपनी डाइट में अच्छी सेहत लिए जरूरी पांच पोषक तत्वों को शामिल करना है। इसमें विटामिन, प्रोटीन, फाइबर, आयरन, कैल्शियम जैसे सारे पौष्टिक तत्त्व मौजूद हों। इनमें हरी सब्जियां, साबुत अनाज, ताजे फल व मेवे आते हैं। स्वस्थ शरीर के लिए इन आहारों का सेवन जरूर करें।वैक्सीन के अभाव में सिर्फ आपकी इम्युनिटी ही आपकी रक्षा कर पाएगी और यही वजह है कि इम्युनिटी आज के जमाने की सबसे बड़ी जरूरत बन गई है, आज की तारीख में इम्युनिटी ही आपका सबसे बड़ा हथियार है। एसोसिएट प्रोफेसर डॉ आशा किरण ने बताया कि शिशु के संबंध में गर्भावस्था से लेकर 2 वर्ष की उम्र तक के 1000 दिन सबसे महत्वपूर्ण होता है जिस दौरान उनके पोषण का अच्छे से ख्याल रखना चाहिए। इसी के कुप्रभाव से हम देखते हैं कि झारखंड में लंबाई के अनुसार कम वजन संबंधी कुपोषण 29 प्रतिशत बच्चों में है, जो कि देश में सबसे ज्यादा है। उन्होंने कहा कि मां का भोजन तीन रंग का होना चाहिए, जिसमें हर तरह के पोषक तत्व शामिल हो। हिन्दुस्थान समाचार /विनय/वंदना-hindusthansamachar.in