जुलूस निकालकर सौहार्द बिगाड़ने के मामले में 350 पर मामला दर्ज
जुलूस निकालकर सौहार्द बिगाड़ने के मामले में 350 पर मामला दर्ज
झारखंड

जुलूस निकालकर सौहार्द बिगाड़ने के मामले में 350 पर मामला दर्ज

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हजारीबाग, 07 सितंबर (हि.स.)। सोशल मीडिया पर गलत सूचना फैलाकर कोविड-19 के बावजूद बिना स्वीकृति के जुलूस निकालकर सौहार्द बिगड़ने के मामले में पुलिस ने 350 अज्ञात लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की है। एसपी कार्तिक एस ने सोमवार को पत्रकारों को बताया कि मृतका सेलिना यासमीन 2 सितंबर को अपने घर से कॉलेज जाने का बहाना कर रांची पहुंची। रांची पहुंचकर उसने आरोपी से मुलाकात की। रांची में ही चूहा मारने की दवा खरीदकर दोनों मेदिनीनगर पहुंचे। वहां दोनों ने फैसला किया कि अगर साथ जी नहीं सकते, तो साथ मर तो सकते हैं। इसी उद्देश्य से दोनों ने रैट प्वाइजन खाकर फांसी चढ़ने का मन बनाया। यासमीन पहले ही फांसी पर चढ़ गई, जिसे देख आरोपी घबरा गया और कमरे से बाहर आ गया। कमरे से बाहर आने पर मकान मालिक को इस बात की सूचना हुई। आरोपी ने इस बात की जानकारी अपने परिजनों को दी। जहर खाने के कारण उसकी स्थिति भी ठीक नहीं थी, ऐसे में उसे तुरंत अस्पताल ले जाकर इलाज करवाया गया। इलाज के कारण उसकी जान बच गई। इधर लड़की के भाई के बयान पर मेदिनीनगर थाना में हत्या का मामला दर्ज करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर हजारीबाग जुवेनाइल भेज दिया गया है। एसपी कार्तिक एस ने इस मामले में सोशल मीडिया के दुरुपयोग की बात कही। उन्होंने कहा कि कई लोगों ने फोटो एडिट कर इस घटना को सनसनीखेज बनाने और साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का काम किया है। ऐसे लोगों पर पुलिस की नजर है। इन लोगों के खिलाफ भी कड़ी और उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 7 हिरासत में 5 पुलिस कर्मी घायल रविवार को बिना स्वीकृति के जुलूस निकालने के मामले एवं पुलिस पर रोडे़बाजी को लेकर पुलिस ने 7 युवकों को हिरासत में लिया है। इस मामले में पुलिस अन्य लोगों की भी पहचान कर चुकी है, उन्हें भी हिरसत में लेने की तैयारी पुलिस की है। जुलूस को रोके जाने के क्रम में की गई रोड़ेबाजी में 5 पुलिस कर्मी घायल हो गए थे। सभी का इलाज हजारीबाग मेडिकल काॅलेज अस्पताल में किया गया। मालूम हो कि इस घटना के बाद पेलावल ओपी क्षेत्र में व्यापक पैमाने पर पुलिस बल को लगाकर मामले को शांत किया गया। गौरतलब है कि यास्मीन हज़ारीबाग के पेलावल थाना क्षेत्र के रोमी की रहने वाली थी। वह केबी महिला महाविद्यालय के स्नातक की छात्रा थी। तीन दिन पूर्व असाइनमेंट जमा करने के नाम पर घर से निकली और लापता हो गई। इसी बीच का उसका शव मेदिनीनगर में किराए पर रहने वाले छात्र के कमरे से फंदे से बरामद किया गया। यास्मीन के भाई जुनैद खान के बयान पर मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। दोषी को कड़ी सजा दिलाने की मांग को लेकर रविवार को लोगों ने कैंडल मार्च निकाला था। हिन्दुस्थान समाचार/शाद्वल/ वंदना-hindusthansamachar.in