जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद कर लोगों को दिलाएंगे राहत : रामेश्वर उरांव
जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद कर लोगों को दिलाएंगे राहत : रामेश्वर उरांव
झारखंड

जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद कर लोगों को दिलाएंगे राहत : रामेश्वर उरांव

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रांची, 14 अक्टूबर (हि. स.)। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रामेश्वर उरांव ने अखिल भारतीय कांग्रेस द्वारा जारी धरोहर श्रृंखला की 18वीं वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड कर देश के युवा पीढ़ियों को अवगत कराने का काम किया। उरांव ने बुधवार को राष्ट्र निर्माण की अपने महान विरासत कांग्रेस की श्रृंखला धरोहर की अठारहवीं वीडियो को अपने सोशल मीडिया पर शेयर करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कांग्रेस पार्टी ने अंग्रेजी शासन की दमनकारी नीतियों के खिलाफ संघर्ष कर देश को आजादी दिलायी। अब केंद्र की जनविरोधी नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ भी आवाज बुलंद कर और जनसहयोग से भाजपा नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को सत्ता से बेदखल कर आमजन को राहत दिलाने का काम करेगी।उरांव ने कहा कि 13 अप्रैल 1919 आजादी के आंदोलन में ब्रिटिश हुकूमत की क्रूरता का वह काला दिन जिसने मानवता को शर्मसार किया। नौ अप्रैल को राम नवमी का दिन था और उस दिन निकले मार्च में हिंदू-मुस्लिम एकता को देखकर ब्रिटिश हुकूमत और जनरल डायर बौखला गए। उसी दिन महात्मा गांधी को पंजाब में घुसने से पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया। सैफुद्दीन किचलू और डॉ सत्यपाल को ब्रिटिश हुकूमत ने बिना कारण गिरफ्तार कर लिया। इस सब के विरोध में 10 अप्रैल को हजारों लोगों ने सिविल लाइंस तक मार्च निकाला और पुलिस गोलीबारी में कई लोग मारे भी गए। लेकिन अब जीने मरने का प्रश्न भारत माता की आजादी के आगे बहुत छोटा हो गया था। 13 अप्रैल को जलियांवाला बाग में रौलेट कानून और गिरफ्तारियों के विरोध में एक शांतिपूर्ण सभा का आयोजन किया गया था। हजारों लोगों की मौजूदगी में सब कुछ शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा था तभी जनरल डायर अपने सैनिकों के साथ वहां पहुंचकर बाघ को चारों तरफ से घेर लेता है। फायर की एक आवाज पर सैकड़ों दन दनादन गोलियां सभा में मौजूद महिला ,पुरुष, बच्चों के सीने को छलनी कर देती है। चारों तरफ कोहराम मच गया। देखते ही देखते बाग में मौजूद कुआं लाश से भर जाता है। चारों तरफ से खून से लथपथ और गोलियों से छलनी शरीर ही नजर आ रहे थे। पूरे मैदान की जमीन खून से लाल हो गई थी। यह मानवता पर ब्रिटिश हुकूमत का घिनौना प्रहार था। कांग्रेस सहित पूरे देश में जनरल डायर के अमानवीय कृत्य से आक्रोश पैदा हुआ जिसे ब्रिटिश हुकूमत झेल नहीं पाई। लिहाजा 1922 में काले कानून को निरस्त कर दिया गया ।इस काले कानून का रद्द होना बताता है कि भारत जब भी एकजुट हुआ है तब बड़े से बड़े तानाशाह झुके हैं और वो कानून वापस हुए हैं। लेकिन हमें याद रखना होगा कि इसके लिए हमारे पूर्वजों ने अपना लहू बहाया। जाति धर्म का भेद भूलकर अंग्रेजों को देश से बाहर खदेड़ा। हमारे पूर्वजों के बलिदान को हमें जाया नहीं होने देना है और एकता के बल पर आजादी की रक्षा करनी है। कांग्रेस विधायक दल नेता आलमगीर आलम, कृषि मंत्री बादल पत्रलेख और बन्ना गुप्ता ने भी धरोहर वीडियो को अपने सोशल मीडिया पर जारी किया। हिन्दुस्थान समाचार/कृष्ण / वंदना-hindusthansamachar.in