ग्रामीणों ने बनाया खुद सड़क, समाजसेवियों ने किया सहयोग
ग्रामीणों ने बनाया खुद सड़क, समाजसेवियों ने किया सहयोग
झारखंड

ग्रामीणों ने बनाया खुद सड़क, समाजसेवियों ने किया सहयोग

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देवघर 12 सितंबर (हि. स.)देवघर- प्रखंड के मानिकपुर पंचायत के टोला मोतीपुर गंगटी में 10 दशक बीतने के बाद भी सड़क निर्माण नहीं होने से ग्रामीणों एवं समाजसेवियों ने खुद सड़क निर्माण कर अपनी समस्याओं को हल कर दिखाया। बताया गया कि दो बार पंचायत चुनाव हुआ लेकिन सड़क समस्या के बारे में किसी ने इस और ध्यान नहीं दिया। तब जाकर अपने-अपने परेशानियों को दूर करने के लिए सड़क निर्माण खुद कराया। ग्रामीणों ने बताया कि प्रति वर्ष इस सड़क के निर्माण में 35 से 40 टेलर मोरम मिट्टी गिराया जाता है और सड़क निर्माण कराया जाता है ।लेकिन बारिश के दिनों में पानी में मोरम मिट्टी बह जाता हैं ।खासकर बारिश के दिनों में ग्रामीणों को विशेष परिस्थिति में काफी फजीहत का सामना करना पड़ता है। विशेष परिस्थिति में रोगियों को कंधों पर या खटोला पर बिठाकर मुख्य सड़क देवघर चकाई पर लाया जाता है उसके बाद टैंपू या कार द्वारा सदर अस्पताल ले जाया जाता है । सड़क के द्वारा नावाडीह कुलतनी गांव के 200 घर दिलदार नगर कोड़ा डीह गांव के 150 घरो के लोगों का आवागमन होता है। विकसित भारत में यह समस्या सभी प्रखंड के लगभग सभी पंचायत के गांव में अभी भी बना हुआ है ।इस सड़क की लंबाई डेढ़ किलोमीटर है । गंगटी मोतीपुर गांव की डेढ़ सौ घरों की आबादी 2 हजार है साथ ही रेलवे यार्ड में काम करने वाले 2 से 3 हजार गरीब मजदूरों का आना जाना भी इसी मार्ग से होता है ।वहीं झारखंड राज्य बने दो दशक बीत चुके हैं राज्य में झारखंड मुक्ति मोर्चा की सरकार बनी है जो गरीबों की सरकार कहा जाता है लेकिन अभी भी प्रखंड के दर्जनों गांव में सड़क का अभाव खाल रहा है । समाजसेवी मंसूर अंसारी, मोहम्मद कलीम ,मोहम्मद जफीर,मुर्शीद मौजा ,वीर मोहम्मद अलीस ,रमेश महाथा ,बद्री पासी, प्रकाश पासी, जानकी पासी, मोहम्मद कुर्बान आदि ने सहयोग कर सड़क निर्माण में अपना अपना योगदान दिया । हिन्दुस्थान समाचार /सुनील/विनय-hindusthansamachar.in