केंद्र सरकार का असहयोगात्मक रवैया उपचुनाव में बड़ा चुनावी मुद्दा बनेगा : रामेश्वर उरांव
केंद्र सरकार का असहयोगात्मक रवैया उपचुनाव में बड़ा चुनावी मुद्दा बनेगा : रामेश्वर उरांव
झारखंड

केंद्र सरकार का असहयोगात्मक रवैया उपचुनाव में बड़ा चुनावी मुद्दा बनेगा : रामेश्वर उरांव

news

रांची, 18 अक्टूबर (हि. स.)। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रामेश्वर उरांव की अध्यक्षता में 19 अक्टूबर को बेरमो विधानसभा क्षेत्र के जरीडीह में पार्टी पदाधिकारियों और वरिष्ठ नेताओं की बैठक होगी। बैठक में मंत्री, विधायक, प्रदेश कांग्रेस कार्यकारी अध्यक्ष, जोनल कोऑर्डिनेटर, प्रदेश प्रवक्ता, मोर्चा-संगठनों के पदाधिकारियों के अलावा अन्य वरिष्ठ नेता-कार्यकर्त्ता उपस्थित रहेंगे। बैठक में बेरमो विधानसभा उपचुनाव के सिलसिले में पंचायत-गांव स्तर तक मतदाताओं से संपर्क स्थापित करने को लेकर सभी नेताओं-कार्यकर्त्ताओं को क्षेत्रवार जिम्मेवारी सौंपी जाएगी। साथ ही जिन्हें जिम्मेवारी सौंपी जाएगी, वे चुनाव प्रचार की अंतिम समाप्त तक दिन-रात क्षेत्र में कैंप कर मतदाताओं से सीधा संपर्क करेंगे। बोकारो जिले के जरीडीह में सोमवार को होने वाली बैठक को लेकर रविवार को देर शाम पार्टी के रामेश्वर उरांव के रांची स्थित आवास पर अनौपचारिक बैठक हुई। बैठक में कृषि मंत्री बादल पत्रलेख, प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे और लाल किशोर नाथ शाहदेव उपस्थित थे। पत्रकारों से बातचीत में उरांव ने बताया कि बेरमो के साथ ही दुमका उपचुनाव के लिए पार्टी कार्यकर्त्ता जुट चुके है।उन्होंने कहा कि जिस तरह से केंद्र सरकार ने कोरोना संक्रमणकाल में झारखंड जैसे आदिवासी बहुल राज्यों के खाते से सीधे 1417 करोड़ रुपये निकाल कर राज्य को मुश्किल में डालने का काम किया है। यह विधानसभा उपचुनाव में बड़ा मुद्दा बनेगा। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि इतनी बड़ी राशि संकट के समय निकाल लेने से पीपीई किट, स्वास्थ्य उपकरण और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को लेकर अन्य कार्य भी प्रभावित होगा। वहीं वेतन भुगतान समेत अन्य विकास कार्य भी प्रभावित होंगे। इसके बावजूद अपने आंतरिक संसाधनों के माध्यम से राज्य सरकार संकट की स्थिति से निकलने के लिए प्रयासरत है। केंद्र सरकार के इस गलत और दुर्भाग्यपूर्ण फैसले से झारखंड के लोगों में खासी नाराजगी है और विधानसभा उपचुनाव में भाजपा नेताओं को इसका जवाब देना होगा। बादल पत्रलेख ने कहा कि बेरमो उपचुनाव में राजेंद्र बापू के सोच और सपने को साकार करने के लिए पार्टी चुनाव मैदान में हैं। उन्होंने बेरमो उपचुनाव को लेकर नारा भी दिया- ना आह भरी, न ही आवाज दी, बस यूं ही चले गये राजेंद्र बाबू, उनकी याद में श्रद्बांजलि स्वरुप बेरमो की जनता फतह हासिल करेगी। हिन्दुस्थान समाचार/कृष्ण/वंदना-hindusthansamachar.in