कांग्रेस ने 11 हजार वोल्ट के तार की चपेट में आने से दो लोगों के घायल होने पर चिंता  व्यक्त की
कांग्रेस ने 11 हजार वोल्ट के तार की चपेट में आने से दो लोगों के घायल होने पर चिंता व्यक्त की
झारखंड

कांग्रेस ने 11 हजार वोल्ट के तार की चपेट में आने से दो लोगों के घायल होने पर चिंता व्यक्त की

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रांची, 10 सितम्बर (हि. स.)। झारखंड कांग्रेस ने बिजली विभाग की लापरवाही से जमशेदपुर में 11 हजार वोल्ट के तार की चपेट में आने से आ जाने से दो लोगों के घायल की घटना पर चिंता व्यक्त की है। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे, लाल किशोरनाथ शाहदेव और राजेश गुप्ता ने गुरुवार को दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और मृतक के आश्रित को मुआवजा देने की मांग की है। वहीं गुरुवार को मानगो डिमना रोड स्थित राजा शर्मा नामक युवक 11 हजार वोल्ट के तार की चपेट में आने से बुरी तरह से झुलस गया। वहीं दूसरी तरफ राजधानी रांची में बिजली विभाग एवं केईआई कंपनी की लापरवाही की वजह से हर दिन कोई न कोई दुर्घटना घटती है और लोगों की जाने जाती हैं या फिर जख्मी हो जाते हैं। जिसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। प्रवक्ताओं ने बताया कि बिजली विभाग की लापरवाही के हुई दुर्घटनाओं को लेकर पिछले दिनों 27 मृतकों और घायलों की सूची जारी की गयी थी। दो-तीन दिनों में एक और सूची जारी की जाएगी, जिसमें बिजली विभाग और केबुल कंपनियों की ओर से पिछले 45 दिनों में 50 लोगों की मौत और घायलों की सूची होगी। उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस कोविड-19 संक्रमण के कारण अधिकारियों की पोल खोलो अभियान को कुछ दिनों के लिए स्थगित करना पड़ा था, लेकिन अब फिर से चरणबद्ध आंदोलन की शुरुआत की जा रही है। इसके तहत 14 सितंबर को केबुल कंपनी केईआई कंपनी के रांची स्थित कार्यालय में तालाबंदी की जाएगी, जबकि 16 सितंबर को केबुल निर्माण कार्य की मॉनिटरिंग कर रहे मुख्य अभियंता श्रवण कुमार, महाप्रबंधक संजय कुमार सहित अन्य पदाधिकारियों के घर के बाहर पोल-खोलो अभियान के तहत प्रदर्शन किया जाएगा। प्रवक्ताओं ने कहा कि जल्द ही पार्टी नेताओं का एक शिष्टमंडल फिर से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर इस तरह की दुर्घटनाओं के लिए दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेगा। उन्होंने बताया कि पिछली मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने इस संबंध में विभागीय सचिव को घटना की पूरी जांच करा कर रिपोर्ट भी मांगी थी और जब तक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती और पीड़ित परिवारों को मुआवजा नहीं मिल जाता, आंदोलन जारी रहेगा। हिन्दुस्थान समाचार/कृष्ण/विनय-hindusthansamachar.in