कांग्रेस ने रघुवंश और छत्रपति शाही मुंडा के निधन पर शोक व्यक्त किया
कांग्रेस ने रघुवंश और छत्रपति शाही मुंडा के निधन पर शोक व्यक्त किया
झारखंड

कांग्रेस ने रघुवंश और छत्रपति शाही मुंडा के निधन पर शोक व्यक्त किया

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रांची, 13 सितम्बर (हि. स.)। झारखंड कांग्रेस के प्रदेश रामेश्वर उरांव ने पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह और एकीकृत बिहार में विधान पार्षद रहे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता छत्रपति शाही मुंडा के निधन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है। उरांव ने रविवार को रघुवंश प्रसाद सिंह के निधन पर दुःख व्यक्त करते हुए कहा कि यूपीए शासनकाल में ग्रामीण विकास मंत्री रहने के दौरान उन्होंने देश के विकास को लेकर काम किया। वह लंबे समय तक याद किया जाएगा। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के मार्गनिर्देशन में हर व्यक्ति को काम का अधिकार देने के लिए राष्ट्रीय रोजगार गारंटी अधिनियम, नरेगा लागू किया गया, इसे लागू करने में रघुवंश प्रसाद सिंह की भूमिका काफी सराहनीय रही। उरांव ने छत्रपति शाही मुंडा के निधन पर भी दुःख व्यक्त करते हुए कहा कि झारखंड आंदोलन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पूर्व विधायक छत्रपति शाही मुंडा ने समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े लोगों के हितों की रक्षा के लिए जीवन भर संघर्ष किया। अंतिम समय तक वे कांग्रेस पार्टी और संगठन की मजबूती को लेकर प्रयासरत रहे, उनके निधन से झारखंड कांग्रेस को अपूरणीय क्षति हुई है। कांग्रेस विधायक दल के नेता आलमगीर आलम ने कहा कि गरीब-कमजोर और जरूरतमंद लोगों के लिए जीवन पर्यंत समर्पित रहे रघुवंश प्रसाद सिंह ने समाज के हर तबके के विकास के लिए एक लंबी लकीर खींची, जिसे मिटा पाना संभव नहीं होगा। उन्होंने छत्रपतिशाही मुंडा के निधन की खबर को भी पार्टी के लिए अपूरणीय क्षति बताया। झारखंड सरकार के कृषि पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री बादल पत्रलेख ने कहा कि वैशाली की धरती पर जन्म लेने वाले विशाल हृदय के सम्राट पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह के निधन से वे मर्माहत है। उन्होंने ईश्वर से कामना करता कि भगवान उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें और इस दुख की घड़ी में परिवार को दुख सहन करने की शक्ति दें। स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने रघुवंश प्रसाद सिंह के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री और बिहार के दिग्गज नेताओं से एक रघुवंश प्रसाद सिंह की निधन की सूचना से उनका मन मर्माहत है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करने और परिजनों तथा शुभचिंतकों को दुःख की घड़ी में कष्ट सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की। प्रदेश प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे ने रघुवंश प्रसाद सिंह के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि मौत से कुछ ही घंटे पहले तक रघुवंश बाबू ने मनरेगा के माध्यम से रोजगार और विकास के विभिन्न मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार को पत्र लिखा, यह दर्शता है कि अस्पताल में भर्ती रहने के बावजूद हर पल समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की किरणों को पहुंचाने के लिए प्रत्यनशील थे। दूबे ने पूर्व विधान पार्षद छत्रपति शाही मुंडा के निधन पर भी शोक व्यक्त करते हुए कहा कि 1989 से लेकर 1992 तक छत्रपति शाही मुंडा एकीकृत बिहार में विधान परिषद के सदस्य रहे, इस दौरान वे अनुसूचित जनजाति, जाति समिति के सभापति भी रहे। एकीकृत बिहार में कांग्रेस कमेटी में महासचिव पद की जिम्मेवारी निभाने वाले छत्रपति शाही मुंडा ने अलग राज्य गठन के बाद भी प्रदेश कांग्रेस कमेटी में महासचिव के पद पर रहते हुए संगठन को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी। प्रदेश प्रवक्ता लाल किशोर नाथ शाहदेव ने बताया कि 75 वर्षीय छत्रपति शाही मुंडा कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे और पिछले दिनों हार्ट अटैक के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होंने आज अंतिम सांस ली। शाहदेव ने कहा कि महान समाजवादी नेता रघुवंश प्रसाद सिंह के निधन से यूपीए गठबंधन की राजनीति को गहरा धक्का लगा है। इस बीच जनता दल सेकुलर के बिहार प्रदेश के पूर्व संयोजक और जेपी आंदोलन के प्रमुख सेनानी चंद्र भूषण दुबे ने रघुवंश प्रसाद सिंह के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है और कहा कि उनका निधन भारतीय राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति है । हिन्दुस्थान समाचार/कृष्ण/विनय-hindusthansamachar.in