आदिवासी संगठनों ने जुलूस निकाला
आदिवासी संगठनों ने जुलूस निकाला
झारखंड

आदिवासी संगठनों ने जुलूस निकाला

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रांची, 22 नवम्बर (हि. स.)। आदिवासी समाजिक, धार्मिक संगठन ने सरना आदिवासी धर्म कोड विधानसभा से पारित होने की खुशी में रविवार को हेसल ,बजरा, दहीसोत बनहोरा, झिरी कमडे, सुंडील, हेहल,मधुकम, चटकपुर , सोसो, तिलता, कोगेजयपुर, टेंडर,कटरगोंदा,रातू में जुलूस निकाला। जिसमें उक्त गांवो के लोग विजय जुलूस में शामिल हुए। मौके पर मांडर विधायक बंधु तिर्की ने कहा कि अब आदिवासी समाज का धार्मिक, समाजिक संस्कृति पहचान एव विशेषता दुनिया के सामने प्रकट होगा। भारतीय संस्कृति को मजबूत करेगा । सरना धर्म संस्कृति अधार भूत संरचना मे आधार शिला की काम करेगी ।धर्म गुरू बंधन तिग्गा ने कहा कि सरना आदिवासी धर्म कोड पारित होना सम्पूर्ण आदिवासी समाज के लिए पहचान बनेगी। देश ही नही विदेशों में भी सरना आदिवासी को पहचाना जायेगा। आदिवासी समाज का धार्मिक आयम अब नया रूप लेगा । समाज अगुवा विरेंद्र भगत ने कहा कि विधानसभा से सरना आदिवासी धर्म कोड पारित होना मील का पत्थर है। इससे पूरे देश के आदिवासीयो के बीच धर्म के आध्यात्मिक पक्ष का नया संचार होगा। देश के आदिवासी एकजुट होंगे और केन्द्र सरकार के समक्ष 2021 के जनगणना परिपत्र में अलग धर्म कोड शामिल करने के लिए अपनी मांग रखेंगे। आदिवासी सेना के अध्यक्ष शिवा कच्छप ने कहा कि सरना आदिवासी समाज के लिए पहचान बनेगी। देश-विदेश में भी सरना आदिवासी समाज को पहचाना जायेगा। अब आदिवासी समाज धार्मिक समाजिक एव संस्कृति पहचान एव विशेषता दुनिया के सामने प्रकट होगा। हिन्दुस्थान समाचार/कृष्ण/ वंदना-hindusthansamachar.in