आजसू ने लॉज हॉस्टल संचालकों को लिखा खुला पत्र
आजसू ने लॉज हॉस्टल संचालकों को लिखा खुला पत्र
झारखंड

आजसू ने लॉज हॉस्टल संचालकों को लिखा खुला पत्र

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रांची, 24 जुलाई (हि. स.)। अखिल झारखंड छात्र संघ (आजसू) ने छात्र छात्राओं पर पड़ रहे रूम रेंट रूपी आर्थिक बोझ को कम करने के लिए शुक्रवार को राज्य के सभी लॉज- हॉस्टल संचालकों के नाम आज खुला पत्र लिखा है। आजसू अप्रैल- मई के माह से ही छात्र छात्राओं पर लॉकडाउन अवधि के दौरान पड़ रहे रूम रेंट रूपी आर्थिक बोझ को कम करने के लिए प्रयासरत रही है। आज इसी क्रम ने आजसू ने लॉज हॉस्टल संचालकों के नाम खुला पत्र लिखा है। खुला पत्र के माध्यम से आजसू के युवा छात्र नेता जमाल गद्दी ने लॉज हॉस्टल संचालकों से कहा है कि वर्तमान संक्रमण काल में कोरोना एक वैश्विक समस्या के रूप में निकल कर आया है। इस कोरोना रूपी महामारी ने सभी वर्ग के जीवन को अस्त व्यस्त कर दिया है। ऐसे में इस महामारी का प्रतिकूल प्रभाव उन छात्र छात्राओं के जीवन एवं उनके परिवार के आय के स्त्रोत पर भी पड़ा है जो लॉज- हॉस्टल में रहते आये है। जमाल गद्दी ने कहा कि इस विकट परिस्थिति से निकलने के लिए स्वार्थ निहित उद्देश्यों को दरकिनार करते हुए मानवीय मूल्य अपनाने एवं सभी के समस्याओं एवं विकट परिस्थिति को समझते हुए निजी अथक प्रयास करने की आवश्यकता है। लॉज- हॉस्टल में निवास करने वाले छात्र- छात्राएं लॉज हॉस्टल संचालकों के लिए व्यवसाय साधन से कहीं ज्यादा उनके परिवार के सदस्यों के समान है। यह भी तय है कि लॉज- हॉस्टल में रहने के कारण छात्र छात्राओं का संचालकों से काफी भावनात्मक संबंध रहता है और इस दौरान लॉज हॉस्टल संचालक उनके अभिभावक का दायित्व भी निभाते है। आजसू ने इस खुले पत्र के माध्यम से आग्रह किया है कि लॉज हॉस्टल संचालक अपने लॉज- हॉस्टल में रहने वाले छात्र छात्राओं के प्रति उदारता दिखाते हुए उनके लॉकडाउन अवधि के रूम रेंट को 70 प्रतिशत माफ करने पर विचार करें एव रम रेंट माफ़ी कर एक मिसाल पेश करें I हिन्दुस्थान समाचार/कृष्ण/ विनय-hindusthansamachar.in