अभिभावक संघर्ष समिति ने किया नई शिक्षा नीति का स्वागत
अभिभावक संघर्ष समिति ने किया नई शिक्षा नीति का स्वागत
झारखंड

अभिभावक संघर्ष समिति ने किया नई शिक्षा नीति का स्वागत

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रांची, 31 जुलाई (हि. स.)। अभिभावक संघर्ष समिति के अध्यक्ष अमृतेश पाठक ने नई शिक्षा नीति लागू करने के लिए केन्द्र सरकार तथा सभी देशवासियों को बधाई दी है। पाठक ने शुक्रवार को कहा कि आजादी के बाद अंग्रेजो का अनुसरण और वामपंथी द्वारा किए गए संक्रमण से पूरा शिक्षा व्यवस्था बीमार हो गया था। अब इस देश को वास्तव में भारतीय शिक्षा व्यवस्था के मूल तत्व ज्ञान, व्यवारिकता, संस्कार और मानव मूल्यों के साथ जोड़ा गया है। प्राथमिक शिक्षा में बच्चों को स्थानीय भाषा, मातृभाषा या राष्ट्र भाषा के रूप में शिक्षा प्राप्त करने के प्रावधान से बच्चों का नैसर्गिक रूप से शिक्षा ग्रहण करने में सहूलियत होगी। उन्होंने कहा कि अभिभावक संघर्ष समिति पिछले कई सालों से देश में हिंदी भाषा को प्राथमिकता देने, गुणवत्ता पूर्ण तथा व्यावहारिक शिक्षा प्राप्त करने, पूरे देश में एक शिक्षा प्रणाली लागू करने के साथ ही निजी स्कूलों विशेषकर क्रिश्चियन माईनरिटी जिनपर शिक्षा का अधिकार कानून लागू नहीं है, के मनमानी पर रोक लगाने के लिए कानून बनाने की मांग करता रहा है। उन्होंने कहा कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय का नाम बदल कर शिक्षा मंत्रालय करने के फैसले का भी स्वागत किया है। हिन्दुस्थान समाचार/कृष्ण/ सबा एकबाल-hindusthansamachar.in