जरूरत पड़ने पर टीचर्स भवन, टीआरसी, पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस को अस्पतालों में तब्दील किया जाए: रमन सूरी

जरूरत पड़ने पर टीचर्स भवन, टीआरसी, पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस को अस्पतालों में तब्दील किया जाए: रमन सूरी
teachers39-building-trc-pwd-guest-house-should-be-converted-into-hospitals-if-needed-raman-suri

जम्मू, 07 मई (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर में कोविद-19 मामलों की बढ़ती संख्या और उसके बाद हुई मौतों पर चिंता व्यक्त करते हुए भाजपा के प्रदेश कार्यकारी सदस्य रमन सूरी ने शुक्रवार को प्रशासन से आगे आने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए कमर कसने का आग्रह किया और आम लोगों से भी आग्रह किया कि वे इस महामारी से लड़ने में सहयोग करें जिससे मृतकों की दर लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा, हालांकि डॉक्टर और पैरामेडिक्स निर्धारित मापदंडों और संसाधनों के भीतर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर रहे हैं, फिर भी इस स्थिति से निपटने के लिए अधिक आवश्यक है जो पिछले साल की तुलना में बहुत अधिक खतरनाक है। उन्होंने कहा कि अस्पताल के परिसरों और सीढ़ियों में रोगियों को दी जा रही ऑक्सीजन के दृश्य हैरान करने वाले हैं और यह महामारी से निपटने के लिए हमारी तैयारियों को दर्शाते हैं। रमन सूरी ने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से आग्रह किया कि वे रेजिडेंसी रोड पर टूरिस्ट रिसेप्शन सेंटर (टीआरसी) के अलावा गांधी नगर में टीचर्स भवन और पीडब्ल्यूडी (आरएंडबी) गेस्ट हाउस और अन्य ऐसी सुविधाओं को हालात से निपटने के लिए मेकशिफ्ट अस्पतालों में परिवर्तित करने के विकल्पों पर विचार करें। उन्होंने कहा कि अगर मौजूदा स्थिति में हमें कभी अधिक बेड की आवश्यकता होगी, तो ये सुविधाएं पर्याप्त से अधिक होंगी। रमन सूरी ने कहा कि शिक्षक भवन और पीडब्ल्यूडी (आरएंडबी) गेस्ट हाउस के अलावा टीआरसी में पर्याप्त कमरे हैं और सरकारी अस्पताल गांधी नगर और जीएमसी बख्शी नगर के आसपास के क्षेत्र में हैं। इन स्थानों पर पर्याप्त कमरों के साथ अटैच बाथरूम, पर्याप्त बेड, अच्छा वातावरण, चिकित्सा आपूर्ति बनाए रखने और स्वास्थ्य निगरानी उपकरण चलाने के लिए पानी और बिजली की निर्बाध आपूर्ति, अच्छी पार्किंग सुविधाएं, डॉक्टरों और पैरामेडिक्स के लिए विश्राम कक्ष और सबसे महत्वपूर्ण सरकारी अस्पतालों के आसपास होने के कारण रोगियों को आरामदायक और बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित हो सकेगीं। इसके साथ ही डॉक्टर अपने रोगियों को देखने और उनकी स्वास्थ्य स्थितियों को प्रभावी ढंग से मॉनिटर करने में सक्षम होंगें। भाजपा नेता ने कहा कि यह किसी जैविक युद्ध से कम नहीं है और इससे निपटने के लिए हमें अगले कुछ महीनों या एक साल के लिए खुद को तैयार करने की जरूरत है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि कोविद-19 संक्रमण, लक्षण, घर पर उपचार, चिकित्सा आपात स्थिति और जरूरत हो तो बाद में अस्पतालों में भर्ती के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए विभिन्न टेलीफोन लाइनें खोले। उन्होंने कहा कि इन 24Û7 टेलीफोन हेल्पलाइनों को डॉक्टरों द्वारा देखा जाना चाहिए और वरिष्ठ विशेषज्ञों द्वारा इनकी निगरानी की जानी चाहिए जिससे लोगों को परामर्श देने और उनमें असमंजस की स्थिति को दूर करने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि टेलीफोनिक पर परामर्श प्राप्त करने के बाद अधिकांश लोग घर पर इलाज करना पसंद करेंगे जिससे पहले से ही स्वास्थ्य ढांचे पर पड़ रहा अधिक बोझ कुछ हद तक कम होगा। इस बीच, लोगों के आवागमन को नियंत्रित करने के उपायों को कठोर बनाया जाना चाहिए, ऑनलाइन और ऑन-कॉल बिक्री और खरीद को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि गैर सरकारी संगठनों से गरीबों की सहायता करने और उनको भोजन मुहैया कराने के लिए अपनी सेवाएं देने और सहायता करने के लिए अनुरोध किया जाना चाहिए। ये सभी कदम कोविद-19 वायरस के खिलाफ रक्षा की पहली पंक्ति होगी और बाकी सभी चीज़ों का पालन और जरूरतों एवं स्थिति की आवश्यकता के अनुसार बढ़ाया जा सकता है। हिन्दुस्थान समाचार/अमरीक/बलवान