सर्वदलीय बैठक में जम्मू की उपेक्षा को लेकर हिंदुस्तान शिव सेना ने केंद्र सरकार को लिया आड़े हाथ
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सर्वदलीय बैठक में जम्मू की उपेक्षा को लेकर हिंदुस्तान शिव सेना ने केंद्र सरकार को लिया आड़े हाथ

जम्मू, 21 जून (हि.स.)। हिन्दुस्तान शिव सेना के प्रदेश अध्यक्ष विक्रांत कपूर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में होने जा रही सर्वदलीय बैठक में जम्मू की उपेक्षा किए जाने को लेकर सोमवार को केन्द्र सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की कश्मीर की तुष्टीकरण की नीति का हिन्दुस्तान शिव सेना कड़ा विरोध करेगी और जम्मू के अवाम की इच्छाओं और आकांक्षाओं के खिलाफ लिया गया कोई भी फैसला उसे स्वीकार्य नहीं होगा। जम्मू में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए हिन्दुस्तान शिव सेना के प्रदेश अध्यक्ष विक्रांत कपूर ने यह बात कही। उन्होंने केंद्र सरकार पर आगामी सर्वदलीय बैठक में मुख्य रूप से घाटी के नेताओं को आमंत्रित करके ‘कश्मीर तुष्टीकरण नीति’ अपनाने का आरोप लगाया। बताते चलें कि जम्मू कश्मीर के आठ राजनीतिक दलों के 14 नेताओं को 24 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित होने वाली बैठक में आमंत्रित किया गया है। इन दलों में नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीडीपी, भाजपा, कांग्रेस, जम्मू कश्मीर अपनी पार्टी, माकपा, पीपुल्स कॉन्फ्रेंस और जेकेएनपीपी शामिल हैं। बैठक में केंद्र शासित प्रदेश को लेकर भविष्य के फैसलों पर चर्चा होगी। बैठक में चार पूर्व मुख्यमंत्रियों-फारूक अब्दुल्ला और उनके बेटे उमर अब्दुल्ला (नेशनल कॉन्फ्रेंस), वरिष्ठ कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती को आमंत्रित किया गया है। जेकेएनपीपी संस्थापक भीम सिंह को भी बैठक में आमंत्रित किया गया है। उन्होंने कहा कि जम्मू के डोगरा स्भाविमान संगठन के अध्यक्ष चौधरी लाल सिंह जो दो बार सांसद रह चुके हैं और पूर्व मंत्री होने के साथ ही एक अनुभवी राजनेता भी हैं, पैंथर्स पार्टी के नेता हर्ष देव सिंह, शिव सेना बाला साहेब ठाकरे के नेताओं, यूनाइटेड डेमोक्रेटिक एलांयस (यूडीए) के नेताओं, इकजुट जममू के अध्यक्ष अंकुर शर्मा सहित अन्य कई नेताओं को इसमें शामिल नहीं किया गया है जो जम्मू के अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने कश्मीर के सभी दलों को बैठक के लिए बुलाया है लेकिन जम्मू के नेताओं की अनदेखी की है। अल्ताफ बुखारी की हाल ही में बनी अपनी पार्टी और सज्जाद लोन की पीपल्स कॉन्फ्रेंस को मिले बैठक के न्यौते पर सवाल उठाते हुए विक्रांत कपूर ने कहा कि इन्हें अभी तक निर्वाचन आयोग ने मान्यता भी नहीं दी है, लेकिन जम्मू के नेताओं की अनदेखी की गई है। आजाद और जम्मू से ताल्लुक रखने वाले तीन पूर्व उप मुख्यमंत्रियों (दो भाजपा के, एक कांग्रेस के) तथा भाजपा अध्यक्ष रवींद्र रैना को बैठक के आमंत्रण का जिक्र करते हुए विक्रांत कपूर ने कहा कि हमें उन पर भरोसा नहीं है क्योंकि वे अपने अपने केंद्रीय नेतृत्व के हिसाब से चलेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार डोगरा भूमि के लोगों की आकांक्षाओं की कीमत पर अलगाववाद समर्थक दलों को बढ़ावा देने का काम कर रही है जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जायेगा। उन्होंने जम्मू के अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे सभी संगठनों से आह्नान किया कि वे एक मंच पर आकर केन्द्र सरकार की जम्मू विरोधी ऐसी सभी साजिशों को नाकाम बनाएं। संवाददाता सम्मेलन में हिन्दुस्तान शिव सेना के वरिष्ठ नेता सुनील दबगोत्रा, राकेश भारद्धाज, बाबा राम कैथ, अभिषेक, हिमांशु, अमित, महिला इकाई की नेता सपना कोहली, नीलम रैना और अन्य भी मौजूद थे। हिन्दुस्थान समाचार/अमरीक/बलवान

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