ऋषियों द्वारा बताए साधना मार्ग को अपनाएं और पूर्णता प्राप्त करें,तभी हमारा जीवन सफल होगा: सुभाष शास्त्री

ऋषियों द्वारा बताए साधना मार्ग को अपनाएं और पूर्णता प्राप्त करें,तभी हमारा जीवन सफल होगा: सुभाष शास्त्री
follow-the-cultivation-path-described-by-sages-and-achieve-perfection-only-then-our-life-will-be-successful-subhash-shastri

उधमपुर, 5 फरवरी (हि.स.)। संत सुभाष शास्त्री जी महाराज द्वारा रठियान में की जा रही श्रीमद् भागवत कथा के शुक्रवार को छठे दिन उन्होंने संगत को समझाया कि संसार में सभी आनंद एवं पूर्णता की प्राप्ति हेतु रात-दिन कर्म करते रहते दिखाई पड़ते हैं, पर इन प्रयासों की दिशा, आनंद एवं पूर्णता के स्रोत जो अपनी आत्मा में हैं, उस ओर न होकर बाहिर जगत की ओर हैं। मनुष्य सुख, लाभ एवं यश की स्थिति में खुशी तथा दुःख हानि एवं अपयश की स्थिति में शोक मनाते हुए जीवन व्यर्थ गंवा देते हैं। उसे वास्तविक आनंद की प्राप्ति नहीं होती। शास्त्री जी ने आगे समझाया कि संसार के आकर्षणों का प्रलोभन अत्यंत तीव्र होता है और चुंकि हम संसार की छोटी-छोटी वस्तुओं को अंतिम लक्ष्य मानकर अशांत कर लेते हैं। अतः संसार की वास्तविकता को जानना आवश्यक है। हमारे ऋषियों ने संसार के वास्तविक चरित्र को पहचाना और इस स्थूल जगत की रंगीन चकाचैंध से परे यह संसार जिससे बना है और जिससे संचालित होता है, उस सर्वत्र व्याप्त सुक्षम तत्व को जानने के लिए तपस्या एवं ध्यान आदि का मार्ग अपनाया। शास्त्री जी ने कहा कि हम भी यदि ऋषियों द्वारा बताए साधना मार्ग को अपनाएं और पूर्णता प्राप्त करें,तभी हमारा जीवन सफल होगा। शास्त्री जी ने अंत में समझाया कि यदि आप अपने घर, समाज, राष्ट्र एवं विश्व का कल्याण चाहते हो तो केवल अपनी जीवन शैली को बदल कर उसे अपने धर्मानुसार कर लें, क्योंकि संसार का हर धर्म अहिंसा के लिए ही प्रेरित करता है। यदि हर धर्म का मानने वाला इस धर्म के अनुसार जीवन-यापन करे तो हाल ही में हुए दिल्ली जैसे दंगे न हों, जिनमें कितने बेकसूर मनुष्य अपनी जान गंवा बैठे। इसलिए सदा सबसे प्रेम ही करंे। हिन्दुस्थान समाचार/रमेश/बलवान --------hindusthansamachar.in

अन्य खबरें

No stories found.