डीसी कठुआ ने एनआरएलएम के तहत स्टार्ट-अप ग्राम उद्यमिता कार्यक्रम (एसवीईपी) पर मूल्यांकन अध्ययन जारी किया

डीसी कठुआ ने एनआरएलएम के तहत स्टार्ट-अप ग्राम उद्यमिता कार्यक्रम (एसवीईपी) पर मूल्यांकन अध्ययन जारी किया
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कठुआ 17 मई (हि.स.)। जिला विकास आयुक्त कठुआ राहुल यादव ने सोमवार को डीसी कार्यालय परिसर कठुआ में जिला सांख्यिकी एवं मूल्यांकन कार्यालय कठुआ द्वारा संचालित राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत स्टार्ट अप ग्राम उद्यमिता कार्यक्रम (एसवीईपी) पर मूल्यांकन अध्ययन जारी किया। इस विमोचन समारोह के दौरान डीएसईओ कठुआ रंजीत ठाकुर, सीपीओ उत्तम सिंह और डीएसईओ कार्यालय के अन्य स्टाफ सदस्य उपस्थित थे। अध्ययन जिला स्तरीय मूल्यांकन समिति द्वारा आवंटित किया गया था, जिसमें जिला कठुआ के ब्लॉक बसोहली का चयन किया गया था और 60 लाभार्थियों, 10 गैर-लाभार्थियों और 05 जानकार व्यक्तियों को भी प्राथमिक डेटा एकत्र करने के लिए यादृच्छिक रूप से चुना गया था। डी.एस.ई.ओ कार्यालय कठुआ के अधिकारियों द्वारा घर-घर जाकर सर्वे कराकर प्रखंड बसोहली के ऐसे हितग्राहियों, गैर-लाभार्थियों एवं जानकार व्यक्तियों से डाटा एकत्रित किया गया। अध्ययन जारी करते हुए, जिला विकास आयुक्त, कठुआ ने डीएसईओ कार्यालय कठुआ के सभी स्टाफ सदस्यों के प्रयासों की सराहना की, जो उक्त अध्ययन के संचालन और अंतिम रूप देने में शामिल थे। डीसी ने अध्ययन के निष्कर्षों पर प्रकाश डाला और योजना के बेहतर कार्यान्वयन के लिए ग्रामीण विकास विभाग के विचारार्थ सुझावोंध्सिफारिशों को इंगित किया। इस अध्ययन से प्राप्त सुझावों में विशेष शिविर आयोजित करके और क्षेत्रों के निर्वाचित प्रतिनिधियों को शामिल करके आम जनता के बीच योजना के बारे में जन जागरूकता शामिल है। इसके अलावा, यह अनुशंसा की जाती है कि ब्याज दर को कम किया जाना चाहिए और नए उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए पहले छह महीने के ब्याज को माफ कर दिया जाना चाहिए, इसके अलावा, एसएचजी स्तर पर ऋण राशि को पचास हजार की अधिकतम सीमा से बढ़ाकर कम से कम एक लाख किया जाना चाहिए। हिन्दुस्थान/समाचार/सचिन/बलवान