कोरोना वॉरियर्स संकल्प और समर्पण का अवतार -उपराज्याल

कोरोना वॉरियर्स संकल्प और समर्पण का अवतार -उपराज्याल
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‘‘ जम्मू 20 जून (हि.स.)। आवाम की आवाज रेडियो कार्यक्रम के तीसरे संस्करण में रविवार को उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कोरोना योद्धाओं के अथक योगदान को स्वीकार किया और अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं और उन्हें दृढ़ संकल्प और समर्पण का अवतार करार दिया। उन्होंने कहा कि अपनी कड़ी मेहनत से उन्होंने जम्मू-कश्मीर के भविष्य की आधारशिला रखी है। आज जम्मू-कश्मीर एक नया सवेरा देख रहा है और एक समान समाज के रूप में आगे बढ़ रहा है। इसका श्रेय उन योद्धाओं को जाता है जिन्होंने इस उद्देश्य के लिए खुद को समर्पित कर दिया। उपराज्यपाल ने कहा कि आने वाले दिनों में हमारा एक ही उद्देश्य है-जम्मू-कश्मीर के आर्थिक विकास को गति देना और इसे बहुआयामी बनाना। उन्होंने कहा कि वित्तीय विवेक, पारदर्शिता और जवाबदेही के सिद्धांतों के तहत काम करते हुए जम्मू-कश्मीर सरकार क्षेत्र में समग्र विकास के एजेंडे को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने आगे कहा कि हाल ही में 12,600 करोड़ का जिला कैपेक्स बजट ऐतिहासिक है और पिछले साल के 5134 करोड़ रुपये के बजट से दोगुने से भी ज्यादा है। आम आदमी की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए जनप्रतिनिधियों ने बजट बनाया है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर आत्मविश्वास से भरा है और मैं लोगों के बीच आत्म-शक्ति की गूंज सुनता हूं। निहित स्वार्थों के साथ कुछ लोगों द्वारा फैलाई जा रही अनुचित अफवाहों के हालिया मुद्दे पर उपराज्यपाल ने कहा कि कुछ तत्व विकास कार्यों के त्वरित निष्पादन और कोविड-19 के प्रभावी प्रबंधन को पचा नहीं सकते हैं। हमें ऐसी सभी अफवाहों को खारिज करने और रचनात्मक भूमिका निभाने पर ध्यान देने की जरूरत है। जम्मू क्षेत्र में बिजली कटौती की समस्या पर उपराज्यपाल ने लोगों को आश्वासन दिया कि उनकी असुविधा के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह बनाया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि हमने कश्मीर में सर्दी के लिए तैयारी की थी और इसके नतीजे दिख रहे हैं। जम्मू के लिए भी हमने गर्मियों में ज्यादा से ज्यादा लोगों को बिजली मुहैया कराने की व्यवस्था की थी, लेकिन कुछ अवांछित तत्वों ने इसे विफल कर दिया। जांच कमेटी ऐसे लोगों की पहचान कर सख्त कार्रवाई करेगी। अपना आभार व्यक्त करते हुए, उपराज्यपाल ने कई कोरोना योद्धाओं के योगदान पर प्रकाश डाला, जिन्होंने लोगों की सेवा के लिए अपनी जान जोखिम में डाल दी। उपराज्यपाल ने सांबा के कौलपुर गांव की समर्पित आशा कार्यकर्ता त्रिशला देवी का उदाहरण दिया जो प्रतिदिन लगभग 20 परिवारों का दौरा करती हैं और कोविड के लक्षणों की जांच करती हैं और जरूरतमंदों को अस्पताल ले जाती हैं। पिछले दो महीनों से वह यह सुनिश्चित कर रही है कि हर कोई स्वस्थ रहे, टीका लगे और नियमित रूप से कोविड प्रोटोकॉल का पालन करे। उन्होंने आगे कहा कि गांदरबल जिले के कुल्लन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के जफर अली, मीता और नजमीना ने मिलकर 12,000 से अधिक लोगों को टीका लगाया है। इस जिले में 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लिए 100 प्रतिशत प्रथम खुराक टीकाकरण किया जा चुका है। हमारे दूसरे जिले शोपियां में मोहम्मद इसाक, रियाज अहमद और सिस्टर अफ्रूजा की टीम ने जिला अस्पताल में पिछले दो माह में 12 से 15 हजार लोगों को टीका लगाया है। उपराज्यपाल ने पुरमंडल, सांबा की नसरीन का भी उल्लेख किया, जो दूर-दराज के क्षेत्रों में लोगों को वैक्सीन की खुराक उपलब्ध करा रही हैं। गुरेज के सीमावर्ती गांवों की तस्वीरों ने हमें दिखाया है कि कैसे शमशादा बानो, डॉ. अबू बक्र, अब्बास शेख और सरवर बर्फ से मीलों पार कर लोगों को टीका लगा रहे हैं। बांदीपोरा में हमारे कोरोना योद्धा-डॉ. जहांगीर, सुश्री षमीमा बेगम, नीलोफर जान, और उनके साथी 18 किमी चलकर वेयान पहुंचे और उनकी कड़ी मेहनत के कारण यह 100 प्रतिषत टीकाकरण कवरेज हासिल करने वाला देश का पहला गाँव बन गया। उपराज्यपाल ने जम्मू जिले के सभी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम और सेवा भावना की सराहना की, जिसके कारण जिले में शत-प्रतिशत टीकाकरण हासिल किया गया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आर.एस. पुरा की किरण बाला द्वारा बच्चों के लिए पूरक पोषण और आंगनवाड़ी केंद्रों को महिलाओं और परामर्श केंद्रों के लिए बैठक स्थलों के रूप में बदलने के बारे में दिए गए सुझाव का उल्लेख करते हुए, उपराज्यपाल ने उन्हें आश्वासन दिया कि प्रशासन उन पर विचार करने के बाद उचित निर्णय लेगा। पुलवामा की कौसर जबीन के पत्र का उल्लेख करते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि बहन कौसर एक स्थानीय सरकारी सुविधा में पिछले एक साल से टीकाकरण, रोगी देखभाल, परीक्षण जैसे सभी काम लगातार कर रही हैं, लेकिन उन्हें अपनी नेक सेवा के बावजूद उन्हें कभी-कभी कुछ रोगियों या उनके परिवार के सदस्यों के गुस्से का सामना करना पडता है। इसी तरहं उपराज्यपाल ने कई कोरोना योद्धाओं का जिक्र इस आवाम की आवाज के संस्क्रण में किया। उपराज्यपाल ने कहा कि उनके लिए केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन द्वारा सक्षम योजना शुरू की गई है और ऐसे परिवारों की पूरी जिम्मेदारी के साथ देखभाल की जाएगी जिन्होंने कोरोना महामारी के चलते अपने परिजनों को खो दिया है। उन्होंने कहा कि माननीय प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कोरोना से प्रभावित बच्चों की मदद और सशक्तिकरण के लिए ‘‘पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन‘‘ नामक एक अलग योजना षुरू की है, जिससे हमारे संघ षासित प्रदेष के परिवारों को लाभ होगा। उन्होंने यह भी बताया कि जम्मू-कष्मीर में गरीबों और अनाथों को राषन मुहैया कराने की व्यवस्था लगातार चल रही है, ताकि कोई भी परिवार भूखा न रहे. “उपेक्षित गरीब और वंचित वर्ग हमारी प्राथमिकता का केंद्र बिंदु हैं। जब सभी योजनाओं का लाभ अंतिम कतार में खड़े अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा, तभी हमें संतुष्टि होगी कि प्रशासन ठीक से काम कर रहा है। उपराज्यपाल ने कृषि और बागवानी के बुनियादी ढांचे में किए गए सार्थक परिवर्तनों के लिए किसानों को बधाई देते हुए कहा कि इस क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत हो रही है। उपराज्यपाल ने कहा हम कोरोना से प्रभावित व्यापार, उद्योग और पर्यटन क्षेत्रों पर भी पूरा ध्यान दे रहे हैं और उनकी सुविधा के लिए निर्णय लिए जाएंगे।जम्मू-कश्मीर की कला और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए युद्ध स्तर पर भी काम किया जाएगा। महामारी के चलते नई औद्योगिक योजना की गति भी थम गई थी। अब आने वाले दिनों में इसे धरातल पर उतारने के प्रयास तेज किए जाएंगे। उपराज्यपाल ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की बधाई भी दी। उन्होंने कहा कि योग एक विज्ञान है, जिसे सभी धर्मों में समान रूप से अपनाया गया है। उपराज्यपाल ने केंद्रीय विद्यालय गांधी नगर जम्मू की योग शिक्षिका स्वर्ण रेखा लता के बारे में भी उल्लेख किया, जिन्होंने लॉकडाउन के दौरान वर्चुअल माध्यम से 3500 छात्रों को योग सिखाया। उपराज्यपाल ने कहा कि 30 जून तक हमने जम्मू-कश्मीर में 100 प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य रखा है और मुझे पूरी उम्मीद है कि आप वैक्सीन हिचकिचाहट फैलाने वाले तत्वों का करारा जवाब देने में हमारे स्वास्थ्य कर्मियों की पूरी मदद करेंगे। हिन्दुस्थान समाचार/बलवान

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