सेना ने पीर पंजाल के गुर्जरों और बकरवालों को मोबाइल चिकित्सा और पशु चिकित्सा सहायता प्रदान की

सेना ने पीर पंजाल के गुर्जरों और बकरवालों को मोबाइल चिकित्सा और पशु चिकित्सा सहायता प्रदान की
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जम्मू, 11 जून (हि.स.)। कोविद महामारी से लड़ने और जिला राजौरी के पीर पंजाल रेंज के दूरदराज के क्षेत्रों के लोगों का समर्थन करने के अपने प्रयासों में भारतीय सेना सबसे आगे रही है और अथक प्रयास कर रही है। अपने प्रयासों को जारी रखते हुए भारतीय सेना ने शुक्रवार को जिला राजौरी के समोटे में एक मोबाइल चिकित्सा और पशु चिकित्सा शिविर का आयोजन किया ताकि गुर्जरों और बकरवालों को चिकित्सा देखभाल प्रदान की जा सके, जो ऊंचे इलाकों में पलायन कर रहे हैं और कश्मीर घाटी में जा रहे हैं। कोविद महामारी ने पूरे देश को ठप कर दिया है। हालांकि, भारतीय सेना महामारी के प्रभाव को कम करने और इस क्षेत्र के लोगों को सहायता प्रदान करने में सबसे आगे रही है। महामारी से लड़ने के अपने प्रयासों को जारी रखते हुए और गुर्जरों और बकरवालों से संबंधित पशुओं की चिकित्सा आवश्यकताओं की देखभाल करते हुए भारतीय सेना ने राजौरी जिले के डॉ. अमित खजूरिया और डॉ. गुलाब सिंह के सहयोग से प्रवासी आबादी की विभिन्न मौसमी बस्तियों में दौरा किया और पीर पंजाल पर्वतमाला पर उनके ढोकों पर जाकर चिकित्सा और पशु चिकित्सा सहायता प्रदान की। इस दौरान कुल 80 गुज्जर और बक्करवाल परिवारों और 250 बकरी एवं भेड़, 40 घोड़े एवं 183 भैंस चिकित्सा एवं पशु चिकित्सा शिविर से लाभान्वित हुए। इस कैंप के दौरान बच्चों को स्टेशनरी भी बांटी गई। पूरी गतिविधि को सख्त कोविद प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए अंजाम दिया गया। इस आयोजन ने कोविद संरक्षण और कोविद टीकाकरण के महत्व पर जनता के बीच जागरूकता फैलाने का अवसर भी दिया। हिन्दुस्थान समाचार/अमरीक/बलवान