‘भारतीय किसान संघ द्वारा भूमि सुपोषण एवं संरक्षण हेतु गौ-माता व भूमि पूजन किया गया‘

‘भारतीय किसान संघ द्वारा भूमि सुपोषण एवं संरक्षण हेतु गौ-माता व भूमि पूजन किया गया‘
39cow-mother-and-land-worship-done-by-indian-farmers39-union-for-land-nutrition-and-conservation39

उधमपुर, 14 अप्रैल (हि.स.)। भारतीय किसान संघ की ओर से सुद्धमहादेव में भूमि सुपोषण एवं संरक्षण अभियान का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर भूमि सुपोषण एवं संरक्षण अभियान के अंतर्गत गाय और भूमि का पूजन किया गया। सर्वप्रथम भारतीय देसी गौ माता का पूजन किया गया। इस में सुद्धमहादेव मंडल व लाटी मंडल के अंतर्गत आने वाले 15 गांव के 90 किसानों ने भाग लिया। इस अवसर पर अलग-अलग पंचायतों के सरपंच, पंच व अन्य लोगों ने भी भाग लिया। सभी किसानों द्वारा अपने खेतों से लाई मिट्टी को सुद्धमहादेव मंदिर में एकत्रित कर, उसके ऊपर कलश व नारियल, फल फूल व अन्य प्रसाद चढ़ाकर पूर्ण वैदिक मंत्रोच्चारण विधि द्वारा भूमि पूजन किया गया। भारतीय किसान संघ जम्मू कश्मीर के प्रांत जैविक प्रमुख संजीव कुमार, प्रांत युवा प्रमुख जगदीश कुमार जी ने इस अवसर पर लोगों को भूमि सुपोषण एवं संरक्षण अभियान की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह गाय माता और भूमि सिर्फ आर्थिक का स्रोत नहीं यह हमारी माता है। हमें इनका शोषण नहीं दोहन करना है। आज हमने रासायनिक खाद व अन्य विषैले कीटनाशक उपयोग कर अपनी भूमि का शोषण किया है, इससे जो अनाज मिल रहा है उससे यह जहर हमारे अंदर जा रहा है, जिससे हम कई विमारियों के शिकार हो रहे हैं। आज हमारी धरती माता पॉलीथीन व अन्य प्रदूषित पदार्थों से दूषित हो रही है, हमें इसके लिये कोई उपाय करना होगा। इस अवसर पर हम सब संकल्प लेकर जाएंगे कि हम अपने खेतों में रासायनिक खाद, विषैले कीटनाशक, पॉलीथीन आदि उप्योग नहीं करेंगे। इसके स्थान पर हम जैविक खाद व कीटनाशक उपयोग करेंगे और अपनी भूमि माता का संरक्षण करेगें ताकि अपनी आने वाली पीढ़ियों को भी सुरक्षित रखा जा सके । ग्राम विकास के जिला उपाध्यक्ष हरबंस लाल जी ने बताया कि हमें अपने गांव को एक आदर्श गांव वनाने के लिए प्रयास करना चाहिए। इसके लिये सभी जैविक खाद व कीटनाशक उपयोग करें। गौ-संवर्धन गतिविधि के जिला उपाध्यक्ष सोम राज ने सभी को कम से कम एक गाय पालने के लिए कहा। एक गाय के गोवर से 10-12 कनाल भूमि के लिए पर्याप्त खाद मिल सकती है। इस अवसर पर सभी के लिए एक भंडारे का भी आयोजन भी किया गया था। अंत में सभी ने पूजन की गई मिटटी सभी किसानों को भेंट कर उसको पूर्ण श्रद्धाभाव से अपने-अपने खेतों में डालने का अनुरोध किया गया। हिन्दुस्थान समाचार/रमेश/बलवान