15 अक्टूबर से मां  वैष्णो देवी के दर्शनों के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बढ़ाने का निर्णय
15 अक्टूबर से मां वैष्णो देवी के दर्शनों के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बढ़ाने का निर्णय
जम्मू-कश्मीर

15 अक्टूबर से मां वैष्णो देवी के दर्शनों के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बढ़ाने का निर्णय

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जम्मू, 14 अक्टूबर (हि.स.)। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने 15 अक्टूबर से मां के दर्शनों के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बढ़ाने का निर्णय लिया है। नवरात्र के मौके पर वैष्णो देवी के श्रद्धालुओं के लिए 15 अक्टूबर से हर तरह की सुविधाएं बहाल की जा रही हैं। करोना महामारी के चलते सात महीनों के बाद श्रद्धालुओं को घोड़ा, पिट्ठू और पालकी की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। इसके साथ ही राज्य प्रशासन के आदेश के मुताबिक प्रतिदिन सात हजार श्रद्धालुओं को दर्शन करने का भी मौका मिलेगा। अब मां के दर्शनों के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 7000 हो गई है जिसमें जम्मू-कश्मीर सहित देश के सभी राज्यों के श्रद्धालु शामिल रहेंगें। नवरात्र पर श्रद्धालुओं के लिए यात्रा मार्ग पर भोजनालयों में फलाहार का इंतजाम भी होगा। इसके लिए तैयारी की जा रही है। दूसरी ओर पूरे नवरात्र भवन परिसर में शतचंडी महायज्ञ भी चलेगा। इस दौरान बिजली, पानी, सफाई और सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। श्राइन बोर्ड के सीईओ रमेश कुमार ने बताया कि पवित्र नवरात्रों के अवसर पर मां वैष्णो देवी के भवन को देशी व विदेशी फल-फूलों और रंगबिरंगी लाइटों से सजाया जाएगा। श्रद्धालुओं के लिए हेलीकॉप्टर, बैटरी कार, केबल कार की सेवा तो पहले ही बहाल थी लेकिन अब घोड़े, पिट्ठू और पालकी की सुविधाएं भी उपलब्द रहेंगी। जैसे कि 18 मार्च सेे कोरोना महामारी के कारण वैष्णो देवी यात्रा स्थगित कर दी गई थी उसके बाद से घोड़ा, पिट्ठू और पालकी वाले मजदूरों के समक्ष आर्थिक तंगी की नौबत आ गई थी जो 15 अक्टूबर के बाद कुछ कम होने की उम्मीद जग गई है। नवरात्रि के मौके पर मां वैष्णो देवी की दर्शन की योजना बना रहे भक्तों के लिए खुशखबरी है। माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने वैष्णो देवी जाने वाले श्रद्धालुओं की रोजाना संख्या बढ़ाकर 7000 कर दी है जो कि पहले 5000 थी। श्राइन बोर्ड का ये फैसला 15 अक्टूबर से लागू होगा। इस फैसले की वजह से नवरात्रि के दौरान ज्यादा लोग माता वैष्णो देवी के दर्शन कर सकेंगे। प्रंबधक 17 अक्टूबर से शुरू होने वाले नवरात्रि उत्सव में श्रद्धालुओं के लिए की जा रही व्यवस्था की समीक्षा कर रहे हैं। बता दें कि जम्मू.-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश से बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को अपने साथ कोरोना निगेटिव सर्टिफिकेट लाना भी ज़रूरी होंगा । बता दें कि त्रिकुटा की पहाड़ियों पर स्थित गुफा में माता वैष्णो देवी की स्वयंभू तीन मूर्तियां हैं, देवी काली (दाएं), सरस्वती (बाएं) और लक्ष्मी (मध्य)। इन तीनों पिण्डियों के सम्मिलित रूप को वैष्णो देवी माता कहा जाता है। इस स्थान को माता वैष्णों देवी का भवन कहा जाता है। इस पवित्र गुफा की लंबाई 98 फीट है। इस गुफा में एक बड़ा चबूतरा बना हुआ है। इस चबूतरे पर माता का आसन है जहां देवी त्रिकुटा यानि मां वैष्णों देवी अपनी माताओं के साथ विराजमान रहती हैं। कोरोना महामारी से पहले विश्व प्रसिद्ध इस तीर्थ स्थान पर हर वर्ष लाखों की संख्या में आते रहे है। हिन्दुस्थान समाचार/बलवान-hindusthansamachar.in