हिन्दुस्थान शिव सेना ने उप राज्यपाल के समक्ष उठाया रोहिग्याओं और बांग्लादेशियों को बाहर निकालने का मुद्दा
हिन्दुस्थान शिव सेना ने उप राज्यपाल के समक्ष उठाया रोहिग्याओं और बांग्लादेशियों को बाहर निकालने का मुद्दा
जम्मू-कश्मीर

हिन्दुस्थान शिव सेना ने उप राज्यपाल के समक्ष उठाया रोहिग्याओं और बांग्लादेशियों को बाहर निकालने का मुद्दा

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जम्मू, 10 सितंबर (हि.स.)। हिन्दुस्तान शिव सेना के अध्यक्ष विक्रांत कपूर के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने गुरूवार को उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात करके उनके समक्ष डोमिसाइल नियमों में विसंगतियों को दूर करने का मुद्दा उठाया। इसके साथ ही उन्होंने जम्मू में ंपिछले कई सालों से अवैध रूप से रह रहे रोहिग्याओं और बांग्लादेशियों को भी वापस भेजने का मुद्दा जोरशोर से उठाया। इनके पास राशन कार्ड, वोटर कार्ड और आधार कार्ड भी हैं और इन लोगों को इन दस्तावेजों के आधार पर डोमिसाइल प्रमाणपत्र जारी करना नागरिक संशोधन अधिनियम (सीएए) की मूल भावना के खिलाफ है। हिन्दुस्तान शिव सेना के अध्यक्ष विक्रांत कपूर ने जम्मू व कश्मीर यूटी का उप राज्यपाल बनने पर मनोज सिन्हा को बधाई दी। उन्होंने कहा कि जम्मूवासियों को उनसे काफी उम्मीदें हैं और उनको भी उम्मीद है कि वह जम्मूवासियों के मसलों को हल करने का हरसंभव प्रयास करेंगें जिससे लोगों को राहत मिल सके। प्रतिनिधिमंडल ने उप राज्यपाल को एक ज्ञापन भी सौंपा जिसमें विभिन्न मुद्दों को उठाया गया है। इसमें दुधारू मवेशियों की तस्करी का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने इसके खिलाफ कठोर कानून बनाने और तस्करों को पीएसए के तहत गिरफ्तार करने का प्रावधान रखने की मांग की। नए डोमिसाइल नियमों को अधिसूचित करने के लिए उपराज्यपाल और केंद्र सरकार को बधाई दी और कहा कि इससे पश्चिमी पाकिस्तान के शरणार्थियों, बाल्मीकि समाज और नेपाली अप्रवासियों को न्याय मिला है। उप राज्यपाल से मिलने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए विक्रांत कपूर ने डोमिसाइल नियमों में विसंगतियों को दूर करने पर बल देते हुए कहा कि जेकेयूट और इसके लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए इन पर फिर से विचार-विमर्श किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 371 (ए-जे) पहले से ही महाराष्ट्र, गुजरात, आंध्र प्रदेश, सिक्कीम, मिजोरम, नगालैंड, मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश और गोवा में विभिन्न नियमों के साथ अलग-अलग स्वरूपों में सुरक्षित प्रावधानों के साथ प्रचलन में हैं। इन सुरक्षित उपायों का उद्देश्य धार्मिक और सामाजिक प्रथाओं, नौकरी आरक्षण, प्रथागत कानून और प्रक्रियाओं और भूमि और उसके संसाधन के स्वामित्व की रक्षा करना है। पीआरसी को ही डोमिसाइल प्रमाण पत्र माना जाना चाहिए क्योंकि इनको गहन प्रक्रिया से बनाया गया है, इसलिए उन्हें डोमिसाइल प्रमाण पत्र में परिवर्तित करने की कोई आवश्यकता नहीं है। इससे लाखों की संख्या में पीआरसी को डोमिसाइल प्रमाण पत्र में परिवर्तित करने के कार्य को कम करने में भी मदद मिलेगी और यह जनता तथा सरकारी कर्मचारियों के लिए भी सुविधाजनक होगा। लघु वनोपज की निकासी से जुड़े हुए ठेकेदारों को पिछले तीन सालों से कोई काम नहीं मिला है। उन्होंने उनके मसलों को भी उठाया। उन्होंने वाहनों की खरीद पर लगाए गए नौ प्रतिशत टैक्स का मामला भी उठाया और इस टैक्स को तत्काल से समाप्त करने को कहा। लखनपुर में टोल प्लाजा स्थापित करने का भी मुद्दा उन्होंने उठाया। सरोर में भी टोल प्लाजा स्थापित किया गया है जबकि एक टोल प्लाजा वन तालाब में स्थापित किया गया है। केवल लखनपुर में ही टोल प्लाजा रखा जाये जबकि सरोर और वन तालाब के टोल प्लाजा को त्तकाल से उठाया जाये। वहीं श्री बाबा अमरनाथ यात्रा की पारंपरिक प्रथम पूजा ज्येष्ठ आष्ठमी के अवसर पर बाबा अमरनाथ की पवित्र गुफा में होती आई है। हिंदुओं की आस्था को ध्यान में रखते हुए श्री बाबा अमरनाथ यात्रा की पारंपरिक प्रथम पूजा पवित्र गुफा में की जानी चाहिए। उन्होंने हिन्दुस्थान शिव सेना को श्री बाबा अमरनाथ श्राईन बोर्ड में प्रतिनिधित्व दिए जाने की मांग भी की। उपराज्यपाल ने उनको धर्यपूर्वक सुना और उनको आश्वासन दिया कि उनके द्वारा उइाए गए मुद्दा पर सकारात्मक तरीके से विचार किया जायेगा। प्रतिनिधिमंडल में हिन्दुसथान शिव सेना के अध्यक्ष विक्रांत कपूर और प्रदेश सचिव सुनील दबगोत्रा भी थे। हिन्दुस्थान समाचार/अमरीक/बलवान-hindusthansamachar.in