हिन्दी दिवस पर सीआरपीएफ 6 बटालियन द्वारा आयोजित किए गए विभिन्न कार्यक्रम
हिन्दी दिवस पर सीआरपीएफ 6 बटालियन द्वारा आयोजित किए गए विभिन्न कार्यक्रम
जम्मू-कश्मीर

हिन्दी दिवस पर सीआरपीएफ 6 बटालियन द्वारा आयोजित किए गए विभिन्न कार्यक्रम

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उधमपुर/कटडा, 15 सितम्बर (हि.स.)। केंद्रीय रिजर्ब पुलिस बल की 6 बटालियन द्वारा 14 सितम्बर को हिन्दी दिवस मनाया गया। इस अवसर पर कमाण्डैंट द्वारा सीआरपीएफ के महादनिदेशक डाॅ.ए.पी महेश्वरी के राजभाषा संदेश को पढ़ा गया, जिसमें कहा गया कि विश्व में तेजी से बदलते आर्थिक, सामाजिक व सांस्कृतिक परिवेश में आज हिंदी की स्थिति काफी बेहतर है। आज संयुक्त राष्ट्र जैसी संस्थाओं में भी हिंदी की गूंज सुनाई देने लगी है। वर्तमान परिवेक्ष्य में विश्व के अनेक देशों में विश्वविद्यालय स्तर पर हिंदी पढ़ाई जाने लगी है और यह विश्व पटल पर वैश्विक भाषा के रूप में तेजी से उभर रही है। भारत में हिंदी ही वह भाषा है जो कश्मीर से कन्याकुमारी तक और राजस्थान से लेकर अरूणाचल प्रदेश तक समान रूप से बोली व समझी जाती है। हिंदी अब बोलचाल और साहित्य की भाषा तक ही सीमित नहीं है, बल्कि जनसंचार के विविध माध्यमों में इसका प्रयोग बहुतायत से बढ़ गया है। सूचना प्रौद्योगिकी के इस युग में विश्व की अन्य भाषाओं के साथ हिंदी कंधे से कंधा मिलाकर चल रही है। इससे पहले सीआरपीएफ 6 बटालियन द्वारा 1 सितम्बर से 14 सितम्बर तक हिन्दी पखवाड़ा के तहत अलग-अलग हिन्दी प्रतियोगिताएं आयोजित की गई। प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान पर रहे प्रतिभागियों को जितेंद्र कुमार गुप्ता कमाण्डैंट 6 बटालियन द्वारा नगद पुरस्कार तथा प्रशस्ति प्रमाण पत्र से सम्मानित किया गया। हिन्दी व्यवहार प्रतियोगिता 1 अगस्त से 30 अगस्त 2020 तक आयोजित किया गया। वहीं 25 अगस्त से 26 अगस्त तक हिन्दी कार्यशाला आयोजित की गई जबकि 27 अगस्त को हिन्दी टिप्पण/आलेखन परीक्षा प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसी तरह हिन्दी टंकण प्रतियोगिता 1 सितंबर को आयोजित की गई। इस कार्यक्रम में जितेंद्र कुमार गुप्ता कमाण्डैंट 6 बटालियान के अतिरिक्त संदीप द्वितीय कमान अधिकारी तथा रवि शंकर शर्मा, विजेंद्र कुमार रावत उप.कमा. एवं अन्य अधिनस्थ अधिकारी व जवानों ने भाग लिया। सभी प्रतियोगिताओं का आयोजन कोरोना महामारी को चलते हुए जरूरी एहतियात के साथ किया गया। गौर रहे कि 14 सितम्बर, 1949 को संविधान सभा द्वारा हिंदी को भारत की राजभाषा के रूप में अंगीकार किया गया था। इसका आधार यह था कि हिंदी ही भारत की बहुसंख्यक जनता की संपर्क भाषा थी। हिंदी के महत्व को बढ़ावा देने और इसके प्रचार प्रसार के लिए राष्ट्रभाषा प्रचार समिति के अनुरोध पर 1953 से प्रतिवर्ष 14 सितम्बर को हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है। हिन्दुस्थान समाचार/रमेश/बलवान-hindusthansamachar.in