सभी योजनाएं लोगों की जरूरतों एवं आकांक्षाओं के अनुसार होनी चाहिएं: मुख्य सचिव
सभी योजनाएं लोगों की जरूरतों एवं आकांक्षाओं के अनुसार होनी चाहिएं: मुख्य सचिव
जम्मू-कश्मीर

सभी योजनाएं लोगों की जरूरतों एवं आकांक्षाओं के अनुसार होनी चाहिएं: मुख्य सचिव

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श्रीनगर, 17 सितंबर (हि.स.)। वित्त विभाग द्वारा जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव बी.वी.आर. सुब्रह्मण्यम द्वारा आयोजित मैराथन तैयारी बजट बैठक सह कार्यशाला में जिला प्रशासन को 73वें और 74वें कार्यकाल के अनुसार पंचायतों और स्थानीय निकायों को उनके संबंधित योजना निर्माण की इकाइयां बनाने का गुरूवार को निर्देश दिया। बैठक में मुख्य सचिव ने इस बात पर जोर दिया कि सभी योजनाएं लोगों की जरूरतों एवं आकांक्षाओं के अनुसार होनी चाहिएं और साथ ही उनके सुझावों का प्रतिनिधित्व भी करना चाहिए। मुख्य सचिव ने यह भी निर्देश दिया कि लोगों की मांग और विकासात्मक आवश्यकताओं के अनुसार जिले के भीतर प्राथमिकताओं को निर्धारित करने के लिए जिला योजना फंड जारी करना सरल और उपायुक्तों को पूरी तरह से नियोजन प्रक्रिया में शामिल किया जाना चाहिए। वित्तीय आयुक्त वित्त, डॉ. अरुण कुमार मेहता ने कहा कि कार्यशाला लोगों को केंद्रित गतिविधि बनाने के मूल उद्देश्य का प्रस्ताव है। उन्होंने कहा कि पूरी योजना प्रक्रिया के बारे में उपायुक्तों को संवेदनशील बनाने के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया है जो बड़े पैमाने पर लोगों की जमीनी जरूरतों के अनुसार भागीदारी होनी चाहिए। वित्त आयुक्त ने कहा कि डीसी को वार्षिक योजनाओं के दौरान लिये जाने वाली परियोजनाओं को डीसी द्वारा चिन्हित किया जाना चाहिए। इस अवसर पर डॉ. मेहता ने कहा कि जम्मू कश्मीर पंचायती राज संस्थानों को सम्पूर्ण रूप से मजबूती प्रदान करने में लगा हुआ है तथा 2021-22 का बजट इसके लिए एक समर्पित अभ्यास होगा। उन्होंने सभी उपायुक्तों को निर्देश दिया कि वे अगले साल की योजनाओं की संपूर्णता से समीक्षा करें ताकि समय पर समाधान के लिए समस्याओं का मूल्यांकन और संवाद कर सकें। बैठक में प्रिंसिपल सचिव, एच एंड यूडीडी, धीरज गुप्ता प्रमुख सचिव, पीडब्ल्यूडी, शैलेन्द्र कुमार डीजी बजट, मोहम्मद याकूब इटू महानिदेशक व्यय विभाग द्वितीय, तारिक अहमद खान महानिदेशक (पीपी), शहजादा बिलाल अहमद, संयुक्त निदेशक संसाधन, शौकत हुसैन, उप निदेशक बजट, शफात येया उपस्थित थे। जम्मू एवं कश्मीर के सभी उपायुक्त और महानिदेशक व्यय विभाग अजय कुमार शर्मा और कई अन्य और अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में भाग लिया। दोनों प्रिंसिपल सचिवों ने नियोजन प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और व्यय उन्मुख बनाने के संबंध में अपने बहुमूल्य सुझाव दिए। उन्होंने इसके अलावा जमीन पर बेहतर परिणाम प्राप्त करने के लिए एक मजबूत तंत्र बनाने के लिए इनपुट भी दिए। डीजी बजट ने अपनी प्रस्तुति में बताया कि 2020-21 के लिए और के के पास 5136.40 करोड़ का जिला कैपेक्स परिव्यय है, जो कि 2019-20 के परिव्यय से 40 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने आगे बताया कि ग्रामीण विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है क्योंकि इस पर जिला कैपेक्स का अधिकतम व्यय किया गया है। बैठक में बताया गया कि भविष्य के बजट का मुख्य उद्देश्य पीआरआई को समर्पित, कार्य और धन प्रदान करना है। हिन्दुस्थान समाचार/सुमन/बलवान-hindusthansamachar.in