शिवसेना ने पंजाबी के साथ सौतेला व्यवहार पर जन.आंदोलन एव भूख.हड़ताल की दी चेतावनी
शिवसेना ने पंजाबी के साथ सौतेला व्यवहार पर जन.आंदोलन एव भूख.हड़ताल की दी चेतावनी
जम्मू-कश्मीर

शिवसेना ने पंजाबी के साथ सौतेला व्यवहार पर जन.आंदोलन एव भूख.हड़ताल की दी चेतावनी

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जम्मू 15 सितंबर (हि.स.)। शिवसेना बाला साहेब ठाकरे जम्मू.कश्मीर ईकाई ने पंजाबी को जम्मू.कश्मीर की आधिकारिक भाषाओं में शामिल करने की मांग करते हुए एक बड़े आंदोलन एवं भूख.हड़ताल की चेतावनी दी है। पार्टी प्रदेशाध्यक्ष मनीश साहनी ने मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि पंजाबी भाषी लोगों के साथ सौतेला व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मनीश साहनी ने कहा कि पिछले 73 वर्षों से इस समुदाय को अलग.अलग सरकारों द्वारा नजरअंदाज किया जाता रहा है और जम्मू.कश्मीर को केन्द्र शासित प्रदेश का दर्जा मिलने के बाद भाजपा भी उसी राह पर आगे बढ़ रही है। साहनी ने कहा कि हमें उम्मीद थी कि 370 हटने के बाद जम्मू.कश्मीर की एक अलग तस्वीर दिखाई देगी लेकिन दुर्भाग्य से कुछ भी नहीं बदला है। साहनी ने कहा कि 1941 में पंजाबी, डोगरी और उर्दू के साथ मुख्य भाषा थी लेकिन भाजपा ने आज आयाम बदल दिए हैं। साहनी ने सरकार से आग्रह किया कि वह सिखों के योगदान को न भूलें क्योंकि इस समुदाय ने जम्मू.कश्मीर से देश को 2 सेना प्रमुख दिए हैं। राज्य की अर्थव्यवस्था में उनका योगदान अपरिहार्य है। साहनी ने सरकार को याद दिलाया कि जम्मू.कश्मीर में महाराजा रणजीत सिंह का शासन था जिन्हें दुनिया के 10 सबसे महान शासकों के रूप में दर्जा दिया गया था और पंजाबी उस अवधि में आधिकारिक भाषा थी और इसका उचित दर्जा नही देना सिख संस्कृति, धार्मिक और विरासत पर सीधा हमला है। इस मौके पर अध्यक्ष महिला विंग मिनाक्षी छिब्बर, कार्यकारी अध्यक्ष अश्विनी गुप्ता, महासचिव विकास बख्शी, सचिव राज सिंह एभूरी सिंह गीता रानी, राजेश हांडा उपस्थित हुए। हिन्दुस्थान समाचार/मोनिका/बलवान-hindusthansamachar.in