वीडियो संदेश के माध्यम से संगत को विचार सुनाए गए
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जम्मू-कश्मीर

वीडियो संदेश के माध्यम से संगत को विचार सुनाए गए

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कठुआ, 7 सितंबर (हि.स.)। सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के दिव्य विचारों को सतगुरु के साजे-नवाजे संत परमल सिंह ने कोरोना कॉल में भी वीडियो संदेश के माध्यम से संगत को बताया कि ईश्वर को जानना हर एक के लिए आवश्यक है, क्योंकि ईश्वर को जानना और पहचानने के बाद ही मन में विश्वास उत्पन्न होता है। उन्होंने कहा कि विश्वास के बाद ही मन में प्रेम की गंगा बहने लगती है और उसके बाद ही भक्ति की शुरुआत होती है। अपने विचारों में सतगुरु ने कहा जब भगवान को जान लेते हैं तो फिर उसको मानना भी है, यह निरंकार सर्वव्यापक कंण-कंण में है और फिर हर एक में इस ईश्वर का ही रूप दिखाई देना लगता है। मानने के बाद ही फिर भक्त परमात्मा के साथ मिलकर एक मिक हो जाता है। उसके बाद सारे संसार के लोग अपने ही परिवार की तरह दिखाई देने लगते हैं। उन्होंने कहा कि धरती सुंदर दिखाई देने लगती है क्योंकि हर इंसान सुंदर बन जाता है। संत ने कहा कि तीन प्रकार के वक्त होते हैं। पहला पत्थर की तरह होता जो पानी में डुबोकर बाहर निकलने पर सूखा रहता है। दूसरे वक्त रूई जैसे होते हैं जो पानी में डुबो दो तो थोड़ी देर के लिए पानी से भर जाती है परंतु कुछ देर बाद सूख जाती है। इसी प्रकार तीसरा मिट्टी जैसा होता है जिसको अगर पानी में मिला दिया जाए तो गुल मिल जाती है फिर पानी से मिट्टी को नहीं निकाल सकते। इसी तरह से वक्त परमात्मा के साथ मिलकर एक मिक हो जाते हैं फिर ईश्वर में और वक्त में कोई भेदभाव नहीं रहता। हिन्दुस्थान समाचार/सचिन/बलवान-hindusthansamachar.in