लॉकडाउन के बीच घरों में ही मनाया गया ईद-उल-अजहा का त्योहार
लॉकडाउन के बीच घरों में ही मनाया गया ईद-उल-अजहा का त्योहार
जम्मू-कश्मीर

लॉकडाउन के बीच घरों में ही मनाया गया ईद-उल-अजहा का त्योहार

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कठुआ, 1 अगस्त (हि.स.)। शनिवार को ईद-उल-अजहा की नमाज अदा की गई। इसके साथ ही बकरीद का पर्व शुरू हो गया। लोगों ने एक-दूसरे को बधाई दी। ईद-उल-अजहा को लेकर लोगों में एक विशेष प्रकार का उत्साह देखने को मिला। रमजान के पाक महीने के करीब 70 दिनों बाद आने वाले इस पर्व पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने घरों से ही देश की सलामती और कोरोना से मुक्ति के लिए दुआएं मांगी। इस मौके पर इस्लाम धर्म के जानकार शकील अहमद टोनी ने बताया कि इस्लामिक मान्यता के मुताबिक हजरत इब्राहिम ने अपने बेटे हजरत इस्माइल को इसी दिन खुदा के हुक्म पर खुदा की राह में कुर्बान किया था। तब खुदा ने उनके जज्बे को देखकर उनके बेटे को जीवन दान दिया था। तभी से इस महान त्याग और उसके परिणाम की याद में यह पर्व मनाया जाता है। कुरान में बताया गया है कि हमने तुम्हें हौज-ए-कौसा दिया तो तुम अपने अल्लाह के लिए नमाज पढ़ो और कुर्बानी करो। इसी को ध्यान में रख कर कुर्बानी दी जाती है। इसके बाद दावतों का दौर शुरू होता है। इस दौरान सुरक्षा को लेकर कड़ी चैकसी रखी गई थी। इसके साथ ही उपमंडल हीरानगर, पहाड़ी उपमंडल बिलावर, बसोहली तथा बनी में भी पूरी अकीदत व एहतराम के साथ बकरीद मनाई गई। अल्लाह की राह में कुर्बानियां दी गई। कोरोना संक्रमण को देखते हुए तथा नियमों का पालन करते हुए मुस्लिम बंधुओं ने बकरीद की नमाज अपने-अपने घरों में अदा की। संक्रमण से निजात पाने के लिए अल्लाह से पूरी दुनिया की सलामती के लिए दुआएं मांगी। सुरक्षा के मद्देनजर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रही। डिप्टी कमिश्नर कठुआ,ओम प्रकाश भगत, एसएससी कठुआ,डॉ.शैलेंद्र मिश्रा, तहसीलदार कठुआ, गौरव शर्मा ने मुस्लिम बंधुओं को बकरीद की बधाई दी। हिन्दुस्थान/समाचार/सचिन/बलवान-hindusthansamachar.in