लाल रंग के पास से डरता है कोरोना, रोजाना पांच हजार के करीब ट्रक चालक व सह चालक लाल पास के सहारे बिना कोरोना टेस्ट करवाएं करते हैं प्रवेश, आम जनता को प्रवेश के लिए घंटों करना पड़ता है इंतजार, एक ही प्रदेश में प्रवेश करने के लिए दो नियम क्यों
लाल रंग के पास से डरता है कोरोना, रोजाना पांच हजार के करीब ट्रक चालक व सह चालक लाल पास के सहारे बिना कोरोना टेस्ट करवाएं करते हैं प्रवेश, आम जनता को प्रवेश के लिए घंटों करना पड़ता है इंतजार, एक ही प्रदेश में प्रवेश करने के लिए दो नियम क्यों
जम्मू-कश्मीर

लाल रंग के पास से डरता है कोरोना, रोजाना पांच हजार के करीब ट्रक चालक व सह चालक लाल पास के सहारे बिना कोरोना टेस्ट करवाएं करते हैं प्रवेश, आम जनता को प्रवेश के लिए घंटों करना पड़ता है इंतजार, एक ही प्रदेश में प्रवेश करने के लिए दो नियम क्यों

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कठुआ, 14 अक्तूबर (हि.स.)। लाल रंग का पास जो जम्मू कश्मीर के प्रवेश द्वार लखनपुर में ट्रकों के चालक व संचालकों को दिया जाता है जिससे वे बिना कोरोना जांच करवाएं जम्मू-कश्मीर में प्रवेश करते हैं। यह लाल पास से शायद कोरोना डर जाता है और जिनके पास लाल रंग का पास रहता है शायद उससे कोरोना फैलता भी नहीं है। यह सोच है जम्मू कश्मीर यूटी सरकार के उन अधिकारियों की, जो लाल रंग के पास के जरिए ट्रकों के चालकों और सहचालकों को जम्मू-कश्मीर में प्रवेश देते हैं। बात बहुत अटपटी सी है लेकिन यह बिल्कुल सत्य है। लखनपुर में स्थापित किए गए कॉरिडोर में रोजाना सभी पार्टियों के कार्यकर्ता उसे खोलने की मांग कर रहे हैं। बीते दिनों भाजपा के युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने भी अपने ही सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया और लखनपुर से पाबंदियां हटाने की मांग की, लेकिन यूटी सरकार सोई हुई है। लखनपुर के रास्ते रोजाना 2500 के करीब ट्रक जम्मू कश्मीर में प्रवेश करते हैं और प्रति ट्रक में एक चालक और एक सहचालक सवार रहता है, जिसे मिलाकर कुल 5 हजार के करीब ट्रक चालक व सह चालक जम्मू-कश्मीर में प्रवेश करते हैं। जिनकी किसी भी प्रकार की कोई कोरोना जांच नहीं होती। वहीं प्रवेशद्वार जम्मू कश्मीर प्रशासन की ओर से ट्रक चालकों को लाल रंग का पास जारी किया जाता है जिसे लखनपुर बैरियर पर दिखाते हैं और प्रवेश कर जाते हैं। वहीं लोगों का कहना है कि अगर इस लाल पास से ट्रक चालकों को जम्मू कश्मीर में बिना जांच किए प्रवेश करने की अनुमति मिलती है तो फिर आम जनता जो लखनपुर में प्रवेश करने के लिए घंटों इंतजार क्यों करना पड़ता है। उन्हें भी लाल रंग का पास जारी किया जाए और तुरंत प्रदेश में प्रवेश दिया जाए। स्थानीय लोगों का कहना है कि जम्मू कश्मीर के प्रवेश द्वार लखनपुर में कॉरिडोर स्थापित किया गया है जिसमें बाहरी राज्यों से आने वाले लोग जम्मू कश्मीर में प्रवेश करने के लिए 8 से 10 घंटे लाइनों में खड़े रहते हैं, यहां तक कि कुछ लोग 2 से 3 दिन तक लखनपुर कॉरिडोर में खुले आसमान के नीचे सोते हैं। उनके साथ दोहरा व्यवहार क्यों अपनाया जा रहा है। एक ही प्रदेश में प्रवेश करने के लिए दो अलग-अलग नियम क्यों। अगर ट्रक चालकों को मात्र लाल रंग का पास देखकर प्रवेश दिया जा सकता है तो आम जनता को भी यह पास जारी करके जम्मू-कश्मीर में सीधा प्रवेश दिया जाए। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाते हुए कहा कि यूटी सरकार द्वारा लखनपुर में ड्रामा रचा जा रहा है। एक तरफ कोरोना की आड़ में लोगों को प्रताड़ित किया जा रहा है वहीं दूसरी तरफ बिना जांच किए ही 5000 के करीब ट्रक चालक व संचालक जम्मू-कश्मीर में बिना जांच किए ही रोजाना प्रवेश कर रहे हैं। इससे साफ है कि सरकार की मंशा कोरोना से बचने की नहीं, सिर्फ लोगों को प्रताड़ित करने की है। उन्होंने कहा कि ट्रक चालक प्रवेश करने के बाद ढाबा, बाजार आदि कई विभिन्न जगहों पर रूकते हैं, जिनसे कोरोना फेलने का खतरा बना रहता है। जबकि आम नागरिक सीधे घर जाते हैं। स्थानीय लोगों ने यूटी सरकार का विरोध करते हुए कहा कि जिस प्रकार ट्रक चालकों को लाल रंग का पास जारी करके उन्हें बिना परेशानी जम्मू कश्मीर में प्रवेश दिया जाता है इसी प्रकार यही लाल रंग के पास कॉरिडोर में भी आम जनता को दिए जाएं। ताकि आम जनता भी जम्मू-कश्मीर में बिना किसी परेशानी के प्रवेश कर सके। हिन्दुस्थान/समाचार/सचिन/बलवान-hindusthansamachar.in