लंबित मांगों को लेकर कैजुअल लेबर यूनाइटेड फ्रंट के सदस्य 23 सिंतबर को करेंगे कश्मीर की ओर कूच
लंबित मांगों को लेकर कैजुअल लेबर यूनाइटेड फ्रंट के सदस्य 23 सिंतबर को करेंगे कश्मीर की ओर कूच
जम्मू-कश्मीर

लंबित मांगों को लेकर कैजुअल लेबर यूनाइटेड फ्रंट के सदस्य 23 सिंतबर को करेंगे कश्मीर की ओर कूच

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कठुआ, 12 सितंबर (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर के विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यरत कैजुअल कर्मियों ने 22 सितंबर को कश्मीर की ओर कूच करने की चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर सभी विभागों के अस्थाई कर्मियों को स्थायी करने की दिशा में कदम नहीं उठाया गया तो हजारों की संख्या में जिला कठुआ के लोग 23 सिंतबर को कश्मीर की ओर कूच करेंगे। इन कर्मियों ने शनिवार को अपनी इस मांग को लेकर जिला सचिवालय के समीप भगत सिंह पार्क में शांतिपूर्ण धरना दिया और सभी कैजुअल कर्मियों को कश्मीर चलने की अपील की। जम्मू-कश्मीर कैजुअल लेबर यूनाइटेड फ्रंट के बैनर तले विभिन्न विभागों के कर्मियों ने यह प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में जल शक्ति विभाग, नप के सफाई कर्मी, पावर डेवलपमेंट डिपार्टमेंट, कृषि विभाग, एस्टेट विभाग, पीडब्ल्यूडी व अन्य विभागों के संगठन अध्यक्ष शामिल हुए। शारीरिक दूरी व अन्य नियमों का पालन करते हुए इन कर्मियों ने भगत सिंह पार्क परिसर में धरना दिया। इन प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जम्मू-कश्मीर के विभिन्न सरकारी विभागों में साठ हजार से अधिक अस्थायी कर्मी काम कर रहे हैं। ये कर्मी 25 साल से अपनी सेवाएं दे रहे हैं और उन्हें स्थायी करने के लिए समय-समय पर आश्वासन दिए गए हैं, लेकिन अब सरकार नए रिक्त पदों पर सीधी भर्ती करने जा रही है। इसमें सात हजार के करीब क्लास-फोर के है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अनुछेद 370 टूटने के बाद उन्हें उम्मीद थी की कैजुअल कर्मियों को उनका हक मिलेगा, लेकिन फिर से उनको जम्मू-कश्मीर यूटी सरकार गुमराह कर रही है। उन्होनें कहा कि जब भी जम्मू-कश्मीर के नेताओं से इस संबंध में बाद करते है तो वे कहता हैं कि उनके साथ अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर बात करो। उन्होंने ने नेताओं को भी चेतावनी देते हुए कहा कि जो नेता उनकी मांगों को सरकार तक पहुंचाने में उनकी मदद नहीं कर रहे हैं, चुनावों में उन्हें भी सवक सिखाया जाए गा। फ्रंट नेताओं ने साफ किया कि अगर 23 सितंबर तक उनकी मांग पर गौर नहीं किया तो कोविड-19 के इस दौर में हजारों की संख्या में कैजुअल कर्मी एक साथ बाहर निकलेंगे और कश्मीर की ओर कूच करेंगे और 2 अक्तुबर गांधी जयंती पर दिल्ली की ओर कूच करेंगे जिसकी जिम्मेदारी जम्मू-कश्मीर यूटी सरकार की होगी। हिन्दुस्थान समाचार/सचिन/बलवान-hindusthansamachar.in