बच्चों के लिए वरदान साबित होगी नई शिक्षा नीति: पेरेंट्स एसोसिएशन
बच्चों के लिए वरदान साबित होगी नई शिक्षा नीति: पेरेंट्स एसोसिएशन
जम्मू-कश्मीर

बच्चों के लिए वरदान साबित होगी नई शिक्षा नीति: पेरेंट्स एसोसिएशन

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जम्मू, 30 जुलाई (हि.स.)। केंद्र सरकार द्वारा घोषित की गई नई शिक्षा नीति को लेकर पेरेंट्स एसोसिएशन जम्मू ने गुरूवार को केंद्र सरकार के निर्णय का स्वागत किया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष अमित कपूर ने कहा कि यह नई शिक्षा नीति बच्चों के लिए वरदान साबित होगी। एसोसिएशन के अध्यक्ष अमित कपूर ने नीति का तो स्वागत किया पर साथ ही केंद्र सरकार से एक सवाल भी किया है कि पुरानी पालिसी की तरह नई पालिसी में भी लिखा गया है कि शिक्षण संस्थान नो प्राफिट नो लॉस की पालिसी पर चलेंगे। कपूर ने कहा कि पूर्व की कांग्रेस सरकार ने तो इस दिशा में ध्यान नहीं दिया और शिक्षण संस्थानों ने देश भर में जमकर लूट मचाई। लाखों रुपये एडमिशन फीस लगाकर अभिभावकों को लूटा और अरबों की संपत्ति अर्जित की। उन्होंने कहा कि क्या पूर्व की कांग्रेस सरकार की तरह मौजूदा भाजपा सरकार भी इस नीति में बनाया गया नो प्राफिट नो लॉस वाले कॉलम को नजर अंदाज करेगी या इसके लिए भी कोई ठोस नीति बनाई है। कपूर ने केंद्र सरकार को सुझाव दिया कि अगर सरकार वाक्य में ही शिक्षा क्षेत्र में सुधार की पक्षधर है तो सरकार को इस नीति के नो प्राफिट नो लॉस वाले कालम पर नजर रखने के लिए एक केंद्रीय टीम का गठन करना होगा जिसमें शिक्षा विभाग का एक भी अधिकारी शामिल न हो और इस टीम के अधिकारियों को हर साल बदला जाएं जिससे कि एक पारदर्शिता रहेगी और टीम के अस्तित्व पर भी कोई सवाल नहीं उठेगा और शिक्षण संस्थानों की लूट खसूट भी बंद होगी। कपूर ने कहा कि जिस प्रकार के देश के कुछ राज्यों में लॉकडाउन व अनलॉक के दिशानिर्देशों की पालना करते स्कूलों की पूरी फीस को माफ किया गया है उसी प्रकार केंद्र साशित प्रदेश जम्मू कश्मीर में भी जो कि केंद्र के अधिकारधीन है, में भी स्कूलों की मार्च से लेकर आगे जब तक कि स्कूल नहीं खुलते हैं पूरी फीस माफ की जाए और स्कूलों में जो शिक्षक पढ़ाते है उन्हें पचास प्रतिशत वेतन केंद्र सरकार द्वारा सीधे रूप से उनके खातों में दिया जाएं। इससे कि जम्मू कश्मीर के भोले भाले अभिभावकों को राहत मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति एक बेहतर नीति है और हम इसकी जमकर सराहना करते हैं पर इसे जमीनी स्तर पर अमल में लाने के लिए केंद्र सरकार को विशेष रूप से जम्मू कश्मीर में कुछ कड़े निर्णय लेंगे होंगे जिससे कि लाखों अभिभावकों को एक बड़ी राहत मिलेगी। हिन्दुस्थान समाचार/अमरीक/बलवान-hindusthansamachar.in