पंजाबी भाषा को दी जाये मान्यता: चंदेल
पंजाबी भाषा को दी जाये मान्यता: चंदेल
जम्मू-कश्मीर

पंजाबी भाषा को दी जाये मान्यता: चंदेल

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जम्मू, 22 सितंबर (हि.स.)। श्री अमरनाथ जी यात्रा वेलफेयर सोसाइटी के राष्ट्रीय महामंत्री राजू चंदेल ने मंगलवार को पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि उन्होंने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मांग की है कि पंजाबी रिफ्यूजी सिख बिरादरी बड़ी संख्या में जम्मू कश्मीर में रह रहे हैं। उनका तथा उनकी भाषा का सम्मान करते हुए जम्मू कश्मीर में छठी भाषा के रूप में पंजाबी भाषा को मान्यता दिए जाने की मांग की है तथा रिफ्यूजी बस्तियों को नियमित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि हाल ही में देखा गया है कि जो लोग बंटवारे के बाद रिफ्यूजी सिख समुदाय अल्पसंख्यक जम्मू कश्मीर में आकर रहा, आज उनकी जमीनें सुरक्षित नहीं है। जम्मू कश्मीर के रिफ्यूजी लोगों की संपत्तियों को सुरक्षित करते हुए उनकी कॉलोनियों को मान्यता प्रदान करते हुए नियमित किया जाए क्योंकि पिछले 70 वर्षों से यह रिफ्यूजी जम्मू कश्मीर में रहते आ रहे हैं। आज उनके डोमिसाइल सर्टिफिकेट भी बन गए हैं परंतु उनकी जमीनें खेत खलियान जम्मू कश्मीर में सुरक्षित नहीं है। उनकी कॉलोनियों, गांव बस्तियों को नियमित करें। केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जम्मू कश्मीर में रह रहे रिफ्यूजियों की जमीनों को मान्यता प्रदान करते हुए नियमित करें। अगर इनको उजाड़ा गया तो यह बेचारे कहां जाएंगे, इनकी कई पुश्तें जम्मू कश्मीर में निवास करती चली आ रही हैं। चंदेल ने कहा कि रिफ्यूजी सिख समुदाय आज जम्मू कश्मीर की रीड की हड्डी हैं। इसे टूटने से बचाना होगा और पंजाबी भाषा को जम्मू कश्मीर में मान्यता देनी होगी। तभी इन रिफ्यूजी सिख समुदाय के साथ इंसाफ होगा। चंदेल ने जम्मू की भिन्न-भिन्न कालोनियों में लगातार बिजली संकट को एक गंभीर मुद्दा बताते हुए इस ओर ध्यान देने की जरूरत बताया। हिन्दुस्थान समाचार/अमरीक/बलवान-hindusthansamachar.in