पंजाबी भाषा को आधिकारिक तौर पर लागू करे सरकार: गुरू नानक एजुकेशनल सेवा सोसायटी
पंजाबी भाषा को आधिकारिक तौर पर लागू करे सरकार: गुरू नानक एजुकेशनल सेवा सोसायटी
जम्मू-कश्मीर

पंजाबी भाषा को आधिकारिक तौर पर लागू करे सरकार: गुरू नानक एजुकेशनल सेवा सोसायटी

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आर.एस. पुरा, 10 सितंबर (हि.स.)। गुरु नानक एजुकेशनल सेवा सोसायटी जम्मू कश्मीर द्वारा गुरूवार को एक पत्रकार वार्ता का आयोजन कर सरकार से मांग की गई कि जम्मू कश्मीर में पंजाबी भाषा को अधिकारिक तौर पर लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द से जल्द सरकार ने इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया तो वह सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर हो जाएंगे। आर.एस. पुरा स्थित सेंट्रल गुरुद्वारे में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान सोसायटी के प्रधान सरदार सूरत सिंह, सरदार गुरजीत सिंह, सरदार परमजीत सिंह सहित सोसायटी के अन्य सदस्यों ने कहा कि सरकार द्वारा पंजाबी भाषा के साथ भेदभाव किया जा रहा है जबकि जम्मू कश्मीर के हर एक संभाग के साथ-साथ पंजाबी भाषा ऐसी भाषा है जो पूरे विश्व में बोली जाती है। उन्होंने कहा कि एशिया में पंजाबी भाषा तीसरे नंबर पर है जो बोली जाती है। उन्होंने कहा कि सरकार को जल्द से जल्द बिल में संशोधन लाते हुए जम्मू-कश्मीर में पंजाबी भाषा को लागू करने के लिए कदम उठाने चाहिए ताकि पंजाबी बोलने वाले लोगों के साथ इंसाफ हो सके। सोसायटी द्वारा सरकार पर आरोप लगाया गया कि सरकार लोगों को बांटने का प्रयास कर रही है। उन्होंने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील करते हुए कहा कि वह इस मामले में हस्तक्षेप करें और पंजाबी भाषा को भी जम्मू कश्मीर में लागू करने के निर्देश जारी करें। इस अवसर पर सरदार सुजीत सिंह, सुरिंदर सिंह, दलविंदर सिंह प्रोफेसर मनजीत सिंह, रंजीत सिंह, नरेंद्र सिंह, रंगील सिंह, कुलवंत सिंह, सुलखन सिंह, महेंद्र सिंह तथा सुखविंदर पाल सिंह सहित सोसाइटी के काफी संख्या में सदस्य मौजूद थे। हिन्दुस्थान समाचार/अमरीक/बलवान-hindusthansamachar.in