पंजाबी भाषा को अधिकारिक तौर पर लागू करने की मांग को लेकर किया गया प्रदर्शन
पंजाबी भाषा को अधिकारिक तौर पर लागू करने की मांग को लेकर किया गया प्रदर्शन
जम्मू-कश्मीर

पंजाबी भाषा को अधिकारिक तौर पर लागू करने की मांग को लेकर किया गया प्रदर्शन

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आर.एस. पुरा, 16 सितंबर (हि.स.)। पंजाबी भाषा को जम्मू कश्मीर में अधिकारिक तौर पर लागू किए जाने की मांग को लेकर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी दब्लैहड़ के बैनर तले सिख समुदाय के लोगों ने बुधवार को जोरदार तरीके के साथ प्रदर्शन किया और सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द से जल्द सरकार ने उनकी इस जायज मांग को पूरा नहीं किया तो वह आने वाले दिनों में उग्र आंदोलन करने पर मजबूर हो जाएंगे और जिसकी जिम्मेदार केंद्र सरकार होगी। इस अवसर पर पंचायत के सरपंच सरदार हजारा सिंह ने कहा कि डोगरी भाषा सहित सरकार ने जम्मू कश्मीर में जो 5 भाषाएं अधिकारिक तौर पर लागू की हैं उसका वह स्वागत करते हैं, लेकिन जिस तरह से पंजाबी भाषा की अनदेखी की गई है उसे सिख समुदाय कभी सहन नहीं करेगा और जरूरत पड़ने पर वह उग्र आंदोलन छेड़ने पर भी मजबूर हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि पंजाबी भाषा अकेली ऐसी भाषा है जो पूरे विश्व में बोली जाती है, लेकिन केंद्र की मोदी सरकार ने जिस तरह से पंजाबी भाषा की अनदेखी की है उससे यह बात साबित होती है कि सरकार पंजाबी भाषा बोलने वाले लोगों के साथ बेइंसाफी कर रही है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने जल्द से जल्द अपने इस फैसले को नहीं पलटा तो इसके परिणाम काफी गंभीर होंगे। सरपंच ने मौजूदा सभी लोगों से अपील करते हुए कहा कि वह लंबे संघर्ष के लिए पूरी तरह से तैयार रहें। इस अवसर पर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान बलकार सिंह, प्रधान गुरबचन सिंह, सचिव सुरेंद्र सिंह, सचिव लखविंदर सिंह, कोषाध्यक्ष बलकार सिंह, कोषाध्यक्ष तरसेम सिंह, स्वर्ण सिंह सहित काफी संख्या में सिख संगत मौजूद थी। हिन्दुस्थान समाचार/सुमन/बलवान-hindusthansamachar.in